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पहला प्रधानमंत्री पुरस्‍कार राममणि आयंगार स्मारक योग संस्थान को

नई दिल्ली, 21 जून (जनसमा)। योग को बढ़ावा देने और उसके विकास में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए पहला प्रधानमंत्री पुरस्‍कार, राममणि आयंगार स्मारक योग संस्थान को दिया जाएगा। इस पुरस्कार की घोषणा प्रधानमंत्री ने पिछले वर्ष चंडीगढ़ में दूसरे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर की थी।

पुरस्कार की सिफारिश मंत्रिमंडल सचिव की अध्यक्षता में गठित एक मूल्यांकन समिति (जूरी) ने की। इसमें प्रधानमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव, विदेश सचिव, सचिव (आयुष) और डॉ. विरेन्द्र हेगड़े सदस्य के रूप में शामिल थे।

समिति ने स्क्रूट्नी कमेटी की सिफारिशों की जांच की और संस्थानों और अलग-अलग व्यक्तियों के योगदानों का स्वयं विश्लेषण किया तथा इसके बाद इस प्रतिष्ठित पुरस्कार के लिए पुणे स्थित राममणि आयंगार स्मारक योग संस्थान का p;u चयन किया गया। सरकार ने योग को बढावा देने और उसके विकास में उत्कृष्ट योगदान देने के लिए राममणि आयंगार स्मारक योग संस्थान को प्रधानमंत्री पुरस्कार से सम्मानित करने की समिति की सिफारिश को स्वीकार कर लिया।

आयुष मंत्रालय ने विज्ञापन के जरिए पुरस्कार के लिए नामांकन आमंत्रित किए थे। मंत्रालय ने पुरस्कार के लिए दिशा-निर्देश तैयार किए थे। दो समितियां – अनुवीक्षण समिति (प्रारंभिक मूल्यांकन के लिए) और मूल्यांकन समिति (जूरी) गठित की गयी ताकि पुरस्कारों के बारे में अंतिम फैसला लेने में पारदर्शी प्रक्रिया अपनायी जा सके।

पुरस्कार का चयन इसके लिए प्राप्त 85 नामांकनों में से किया गया और 15 की अनुवीक्षण समिति द्वारा सिफारिश की गयी। अनुवीक्षण समिति ने अलग-अलग व्यक्तियों और संस्थानों के योगदान के बारे में विस्तृत चर्चा और विश्लेषण करने के बाद प्राप्त आवेदनों में से 16 नाम छांटे। साथ ही समिति ने योग सिखाने वाले जाने-माने ऐसे 15 व्यक्तियों/संगठनों के नामों पर भी विचार करने की सिफारिश की जिन्होंने योग को बढ़ावा देने के क्षेत्र में काफी लंबे समय विश्वनीयता हासिल की लेकिन प्राप्त आवेदनों में जिनका नाम नहीं था। सभी तथ्यों और जानकारियों पर विचार करने के बाद जूरी ने सिफारिश की इस वर्ष का पुरस्कार पुणे स्थित राममणि आयंगार स्मारक योग संस्थान को दिया जाए।

राममणि आयंगार स्मारक योग संस्थान योग के प्रसार के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर 4 दशक से भी अधिक समय से कार्य कर रहा है। संस्थान ने योग के बारे में पुस्तकें भी प्रकाशित की हैं और इनका अनेक भाषाओं में अनुवाद हो चुका है। दुनियाभर में आयंगार योग के हजारों अध्यापक योग को लोकप्रिय बना रहे हैं।