ईरान-इज़राइल संघर्ष सातवें दिन, मिसाइल हमले तेज़

ईरान-इज़राइल संघर्ष सातवें दिन, मिसाइल हमले तेज़

नई दिल्ली, 19 जून 2025। ईरान और इज़राइल के बीच चल रहा संघर्ष अब सातवें दिन में पहुंच गया है। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। ईरान द्वारा दागी गई बैलिस्टिक मिसाइलों ने इज़राइल के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में गंभीर तबाही मचाई है।

इन हमलों में दक्षिण इज़राइल का सोरोका अस्पताल भी निशाना बना है, जहां अस्पताल के महानिदेशक डॉ. शलोमी कोडेश ने इमारतों को भारी नुकसान की पुष्टि की है। इसके अलावा, तेल अवीव के पास दो कस्बों पर भी मिसाइलें गिरीं।

जवाबी कार्रवाई में इज़राइली वायुसेना ने ईरान के अराक स्थित भारी जल रिएक्टर और नतांज़ के पास एक अन्य साइट पर हवाई हमले किए हैं। इज़राइल का दावा है कि ईरान ने आज जिन मिसाइलों का इस्तेमाल किया, उनमें से एक पर प्रतिबंधित क्लस्टर बम वॉरहेड भी लगाया गया था। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, आज सुबह के मिसाइल हमलों में कुल 240 लोग घायल हुए हैं, जिनमें चार की हालत गंभीर है।

इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हमलों के कुछ ही घंटे बाद राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को खत्म करना है। इज़राइल ने अस्पताल पर हुए हमले को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानून का उल्लंघन बताया है, जबकि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स का कहना है कि उनका निशाना अस्पताल नहीं, उसके पास का सैन्य ढांचा था।

इस बीच, ईरान में देशव्यापी इंटरनेट सेवा ठप पड़ी है और बीते 24 घंटे से देश लगभग पूरी तरह ऑफलाइन है। बताया जा रहा है कि यह स्थिति इज़राइली हवाई हमलों के बाद उत्पन्न हुई है, जिनमें तेहरान में कई सैन्य ठिकाने भी निशाना बने।

तनाव उस समय और बढ़ गया जब इज़राइली रक्षा मंत्री इसराइल कात्ज़ ने यह घोषणा की कि सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई को समाप्त करना अब इज़राइल का घोषित युद्ध-लक्ष्य है। यह अब तक के संघर्ष की सबसे बड़ी रणनीतिक घोषणा मानी जा रही है।

राजनयिक स्तर पर भी हलचल तेज़ हो गई है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराकची कल जिनेवा में ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी और यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काया कैलास से मुलाकात करेंगे।

वहीं रूस की सरकारी न्यूक्लियर एजेंसी ने चेतावनी दी है कि यदि इज़राइल ने ईरान के बुशेहर परमाणु संयंत्र को निशाना बनाया, तो यह चेरनोबिल जैसी परमाणु त्रासदी ला सकता है।

संयुक्त राष्ट्र ने इस बढ़ते संघर्ष पर गहरी चिंता जताते हुए कहा है कि नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाना निंदनीय है। यूएन प्रवक्ता ने सभी पक्षों से संयम बरतने और निर्दोष लोगों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की अपील की है।

इधर, इंडोनेशिया और 23 मुस्लिम बहुल देशों—जिनमें सऊदी अरब, तुर्किये, मिस्र और पाकिस्तान शामिल हैं—ने इसराइल के हमलों की कड़ी निंदा करते हुए तत्काल युद्धविराम की मांग की है। इस बयान में चेतावनी दी गई है कि यह टकराव एक बड़े क्षेत्रीय युद्ध में बदल सकता है, जिससे वैश्विक शांति और स्थिरता को गंभीर खतरा होगा।