वाराणसी में 5 अप्रैल, 2016 को अस्सी घाट पर बुढ़वा मंगल कार्यक्रम के दौरान कलाकार नाव पर बने मंच पर प्रदर्शन करते हुए। ‘बुढ़वा मंगल’ बनारस का परंपरागत लोक-उत्सव है। यह लगभग 300 साल पुरानी ‘संगीत के महफिल’ की परंपरा है जिसमें कलाकार अपनी बेहतरीन प्रस्तुति देते हैं। होली के बाद और चैत्र महीने की शुरूआत के समय यह लोक-उत्सव मनाया जाता है। इस उत्सव की महफिल अस्सी घाट पर ‘बजड़े या नाव पर सजती है और स्थानीय लोग मौज-मस्ती के साथ इसका आनंनद उठाते है।
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