नई दिल्ली, 07 मार्च (जनसमा)। शनिवार को यमुना एक्सप्रेस-वे पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी के कार काफिले से हुई दुर्घटना में मरने वाले बाइकचालक डाक्टर रमेश नागर के परिवार ने स्मृति ईरानी पर मदद न करने आरोप लगाया है, जबकि स्मृति ईरानी के मंत्रालय ने आज इस बात का खण्डन किया है।
मंत्रालय के प्रवक्ता ने अपनी सफाई में कहा है मंत्री के काफिले में वह गाड़ी ही नहीं थी जिस गाड़ी के भिड़ने से बाइक चालक डाक्टर की मौत हुई जिसका जिक्र एफआईआर में किया गया है। साथ ही मंत्रालय ने यह भी कहा कि चोट लगने के बावजूद ईरानी खुद कार से उतरीं और उन्होंने एसएसपी को फोन करके एंबुलेंस भेजने को कहा था।
गौरतलब है कि शनिवार को यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुई दुर्घटना में बाइक सवार डॉक्टर रमेश नागर की मौत हो गई और अब उनके परिवार ने एफआईआर दर्ज करवाई है जिसमें लिखा गया है कि एक्सप्रेसवे पर स्मृति ईरानी के काफिले की गाड़ी से भिड़ने पर नागर की मौत हुई है।
वहीं, आगरा के रहने वाले नागर की बेटी संदिली ने आरोप लगाया है कि मेडिकल मदद न मिलने की वजह से उनके पिता की सड़क पर ही मौत हो गई। संदिली अपने पिता और परिवार के एक और सदस्य के साथ शादी में जा रही थी। संदिली ने यह भी कहा कि उन्होंने मदद के लिए मंत्री से गुहार लगाई थी लेकिन स्मृति ईरानी उन्हें अनदेखा कर दूसरी गाड़ी में बैठकर निकल गईं।
उल्लेखनीय है कि शनिवार 5 मार्च को बीजेपी युवा शाखा के मथुरा में अधिवेशन से दिल्ली लौट रही थीं जब यमुना एक्सप्रेस वे पर गाड़ियों की लंबी कतार लगी हुई थी और कई वाहन आपस में भिड़ गए थे। ईरानी ने ट्वीट करके बताया कि एक सड़क दुर्घटना की वजह से सड़क पर लंबा जाम था और गाड़ियां आपस में टकरा गई।
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