रायपुर, 10 अक्टूबर (जस)। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ’बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ अभियान को छत्तीसगढ़ में हम सब मिलकर जनआंदोलन बना रहे है। स्त्री-पुरूष जनसंख्या के मामले में छत्तीसगढ़ राष्ट्रीय अनुपात से काफी आगे है। हमारे यहां प्रति एक हजार पुरूषों की तुलना में 991 महिलाएं हैं। उन्होंने कहा कि यह राज्य में महिलाओं की अच्छी स्थिति का भी प्रतीक है।
डॉ. रमन सिंह रविवार सवेरे आकाशवाणी के रायपुर केन्द्र से प्रसारित अपनी मासिक रेडियो वार्ता ’रमन के गोठ’ में आम जनता को सम्बोधित कर रहे थे। डॉ. सिंह ने सभी लोगों को शारदीय नवरात्रि के साथ -साथ 11 अक्टूबर को मनाए जाने वाले अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस की भी शुभकामनाएं दी।
उन्होंने विजयादशमी, करवाचौथ, धनतेरस और दीपावली सहित एक नवम्बर को मनाए जाने वाले छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस ’राज्योत्सव’ के लिए भी प्रदेशवासियों को बधाई दी और जनता के प्रति अपनी शुभेच्छा प्रकट की। मुख्यमंत्री ने अपने आज के प्रसारण में महिला सशक्तिकरण के संदर्भ में राज्य में महिलाओं की बेहतर स्थिति और उनके सामाजिक-आर्थिक विकास के लिए प्रदेश सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की विस्तार से जानकारी दी। डॉ. सिंह ने कहा कि नारी सम्मान की रक्षा के लिए अपने घरों में शौचालय का होना और इसके उपयोग की आदत डालना सबसे जरूरी है। मैं चाहूंगा कि पुरूष स्वयं इसकी पहल करें।
उन्होंने समृद्धि को स्वच्छता से जोड़ने की भारतीय परम्परा का उल्लेख करते हुए दीपावली को स्वच्छता के अवसर के रूप में देखने की जरूरत पर भी बल दिया। आने वाले राज्योत्सव 2016 के संदर्भ में उन्होंने कहा-भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी हमें राज्य की सौगात दी है। मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ में महिलाओं की बेहतर सामाजिक स्थिति का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य के 27 में से 13 जिलों में तो महिलाओं की संख्या पुरूषों से भी ज्यादा है। यह छत्तीसगढ़ में महिलाओं की अच्छी स्थिति का प्रतीक है।
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