नई दिल्ली, 15 मार्च (जनसमा)। देश में खेलों को बढ़ावा देने के लिए सरकार हर खेल के लिए एक पुरुष और एक महिला पर्यवेक्षक की नियुक्ति होगी। नियुक्तियों में विदेशी उम्मीदवारों के नाम पर भी विचार किया जाएगा। भारत सरकारने विभिन्न खेलों में सरकारी पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के लिए दिशा-निर्देश संशोधित किए हैं।
सरकारी पर्यवेक्षक अब सरकार को टीम के चयन, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीमों के प्रदर्शन, सब-जूनियर और जूनियर स्तर के एथलीटों के प्रशिक्षण और भारतीय और विदेशी कोचों के प्रदर्शन के बारे में जानकारी देते रहेंगे। ये पर्यवेक्षक राष्ट्रीय कोचिंग शिविरों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का अध्ययन करेंगे और प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं का वार्षिक कैलेंडर (एसीटीसी) को तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा ये भारतीय खेल प्राधिकरण को तकनीकी सलाह मुहैया कराएंगे और अलग-अलग एथलीटों और कोचों के प्रदर्शन से संबंधित आंकड़ें भी रखेंगे।
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सरकारी पर्यवेक्षक अब सरकार को टीम के चयन, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर टीमों के प्रदर्शन, सब-जूनियर और जूनियर स्तर के एथलीटों के प्रशिक्षण और भारतीय और विदेशी कोचों के प्रदर्शन के बारे में जानकारी देते रहेंगे। ये पर्यवेक्षक राष्ट्रीय कोचिंग शिविरों में बुनियादी सुविधाओं की कमी का अध्ययन करेंगे और प्रशिक्षण और प्रतियोगिताओं का वार्षिक कैलेंडर (एसीटीसी) को तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा ये भारतीय खेल प्राधिकरण को तकनीकी सलाह मुहैया कराएंगे और अलग-अलग एथलीटों और कोचों के प्रदर्शन से संबंधित आंकड़ें भी रखेंगे।
शुरू में उच्च प्राथमिकता/ प्राथमिकता वर्ग के खेलों के लिए सरकारी पर्यवेक्षक नियुक्त किए जाएंगे। हर खेल के लिए एक पुरुष और एक महिला पर्यवेक्षक की नियुक्ति होगी। नियुक्तियों में विदेशी उम्मीदवारों के नाम पर भी विचार किया जाएगा।
सरकार पर्यवेक्षकों की नियुक्ति खुले विज्ञापन के जरिये करेगी। उन्हें नियमित वेतन तो नहीं दिया जाएगा लेकिन उनके काम के आधार पर मानदेय दिया जाएगा। यह मानदेय राष्ट्रीय कोचिंग शिविरों में उनके दौरों के आधार पर तय होगा। इस तरह उनके काम और उन्हें किए जाने वाले भुगतान का सीधा संबंध स्थापित हो जाएगा।


