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छेड़छाड़ के मामले में सरकारी सेवा से शिक्षक बर्खास्त

प्रारम्भिक शिक्षा विभाग ने शिमला के राजकीय माध्यमिक पाठशाला मे-फील्ड में छठी कक्षा की छात्रा के साथ छेड़छाड़ के मामले पर कठोर कार्रवाई करते हुए आरोपी पीईटी शिक्षक  को सरकारी सेवा से बर्खास्त कर दिया है।

एक सरकारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि यह शिक्षक कुछ समय से विद्यार्थियों के साथ दुर्व्यवहार तथा छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न की गतिविधियों में लिप्त पाया गया है।

कई बार चेतावनी के बावजूद शिक्षक अपने व्यवहार में सुधार नहीं कर पाया। शिक्षक का व्यवहार स्पष्ट तौर पर सीसीएस (आचरण) नियम, 1964 की अवहेलना है तथा सरकारी सेवा में कर्मचारी के व्यवहार के अनुरूप भी उचित नहीं है।

प्रारम्भिक शिक्षा निदेशालय को 23 अप्रैल, 2018 को राजकीय माध्यमिक पाठशाला मे-फील्ड में शिक्षक द्वारा छात्रा के साथ यौन उत्पीड़न के मामले में राजकीय उच्च पाठशाला कैथु की मुख्याध्यापिका की शिकायत तथा जांच रिपोर्ट प्राप्त हुई है।

राजकीय माध्यमिक पाठशाला मेफील्ड के स्टाफ सदस्यों तथा विद्यार्थियों ने लिखित बयान में कहा है कि आरोपी शिक्षक कुछ समय से छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न तथा अन्य विद्यार्थियों के साथ दुर्व्यवहार की गतिविधियों में लिप्त पाया गया है।

रिपोर्ट दर्शाती है कि यह शिक्षक सितम्बर, 2017 के दौरान विद्यालय की छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार तथा यौन उत्पीड़न में लिप्त पाया गया है।

पुलिस ने घटना के दिन भारतीय दण्ड संहिता की धारा 354 तथा पोक्सो अधिनियम की धारा 9 एफ के तहत एफआईआर दर्ज की है।
इससे पूर्व भी इस  शिक्षक को शिमला जिला के रामपुर क्योंथल में नियुक्ति के दौरान विद्यालय परिसर में एक छात्र को शारीरिक दण्ड देने के मामले में लिप्त पाया गया था। इस मामले की जांच की गई तथा शिक्षक ने लिखित में क्षमा याचना मांगी थी।
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