Garlic

कम मूल्य पर लहसुन बिकने पर किसानों को भावांतर योजना का लाभ

मध्यप्रदेश में अब यदि किसान का लहसुन 1600 रुपये प्रति क्विंटल से कम मूल्य पर भी बिकता है, तो भी उसे भावांतर योजना का लाभ मिलेगा।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने लहसुन उत्पादक किसानों के फायदे के लिये भावांतर भुगतान योजना में संशोधन किया है।

उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा इस संबंध मे भोपाल, उज्जैन, इंदौर, ग्वालियर, सागर, जबलपुर और रीवा के संभागायुक्तों तथा भोपाल, सीहोर रायसेन, राजगढ़, इंदौर, धार, झाबुआ, उज्जैन, देवास मंदसौर, नीमच, रतलाम, शाजापुर, आगर-मालवा, गुना, शिवपुरी, सागर, छतरपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, रीवा और सतना जिलों के कलेक्टरों को वर्ष 2018-19 के लिये लहसुन संबंधी भावांतर योजना निर्देश जारी कर दिये गये हैं।

राज्य शासन ने 9 अप्रैल 2018 को वर्ष 2018-19 के लिये लहसुन फसल के लिये भावांतर की देय राशि अधिकतम 800 रुपये प्रति क्विंटल निर्धारित की थी। यदि 1600 रुपये प्रति क्विंटल से कम मूल्य पर लहसुन बिकता, तो उसकी गुणवत्ता को निम्न मानते हुए भावांतर योजना का लाभ नहीं देने का प्रावधान था। मुख्यमंत्री  चौहान के निर्देशानुसार किसानों के हित में यह प्रावधान समाप्त कर दिया गया है।

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