Ahmedabad plane crash, questions raised on Boeing

अहमदाबाद विमान हादसा, बोइंग पर उठे सवाल

अहमदाबाद विमान हादसा अब न केवल एक मानवीय त्रासदी है, बल्कि यह वैश्विक विमानन प्रणाली के लिए चेतावनी भी बन गया है। दुनिया भर की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या बोइंग जैसी बड़ी कंपनियां इस दुर्घटना से कोई सबक लेंगी, और क्या इस मामले की जांच से भविष्य की उड़ानों को और सुरक्षित बनाया जा सकेगा।

बाजार के जानकारों के अनुसार , हादसे के बाद बोइंग के शेयरों में 9% तक की गिरावट देखी गई।

यह पहला मौका है जब बोइंग 787 ड्रीमलाइनर विमान किसी बड़े हादसे का शिकार हुआ है। अमेरिकी मीडिया और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने बोइंग की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े किए हैं।

गुरूवार 12 जून, 2025 को अहमदाबाद से लंदन जा रही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 के दर्दनाक हादसे ने न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। विमान में सवार 241 लोगों में से केवल एक ब्रिटिश यात्री की जान बची, जबकि शेष सभी की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रियाएं
ब्रिटेन, अमेरिका, वेटिकन और कई यूरोपीय देशों ने इस त्रासदी पर गहरा शोक व्यक्त किया है।

ब्रिटेन के विदेश मंत्री डेविड लैमी ने इस दुर्घटना को “आधुनिक समय की सबसे दुखद घटनाओं में से एक” बताया और कहा कि ब्रिटेन की आपदा प्रबंधन टीमें भारत के संपर्क में हैं।

पोप लियो चौदहवें ने वेटिकन सिटी से बयान जारी करते हुए मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और भारतवासियों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

आयरलैंड के प्रधानमंत्री मिकाइल मार्टिन ने भी दुख जताते हुए कहा, “यह केवल भारत की नहीं, बल्कि पूरी मानवता की क्षति है।”

अंतरराष्ट्रीय विमानन विशेषज्ञों ने कहा कि “भारत के विमानन मानक सख्त और सुरक्षित हैं, और असली जिम्मेदारी बोइंग की बनती है।”

जांच में अंतरराष्ट्रीय सहयोग
भारत की DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) इस मामले की जांच कर रही है, जिसमें अमेरिका की NTSB, ब्रिटेन की AAIB, और बोइंग कंपनी खुद भी शामिल हैं। यह जांच ICAO (अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन) के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जा रही है।