सर्वोच्च न्यायालय ने कहा, समलैंगिक और उभयलिंगी थर्ड जेंडर नहीं
नई दिल्ली, 1 जुलाई | सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को कहा कि समलैंगिक (लेस्बियन एवं गे) और उभयलिंगी (बाईसेक्सुअल) थर्ड जेंडर नहीं हैं। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने 15 मई, 2014 के आदेश को बदलने से इनकार कर दिया जिसमें ट्रांसजेंडर को थर्ड जेंडर के रूप में मान्यता दी गई…



















