Contaminated cucumbers recalled in the US; selling of poisonous fruits is common in India

अमरीका में दूषित खीरे वापस मंगाए, भारत में जहरीले फल बिकना आम बात

अमरीका का स्वस्थ्य विभाग इस बात की जांच कर रहा है कि मई में बाजारों में दूषित खीरे कैसे बिकने के लिए भेज दिये गए जबकि फलों के इस मौसम में भारतीय बाजारों में आम,केले, पपीते और तरबूज जैसे दूषित फल बेझिझक बेचे जा रहे हैं।

मई 2025 के अंतिम सप्ताह में FDA और CDC साल्मोनेला से संभावित रूप से दूषित खीरे बाजार से वापस मंगाने की जांच कर रहा है। संक्रमण के लक्षणों में दस्त, बुखार और पेट में ऐंठन शामिल हैं, जो आमतौर पर संपर्क के 12-72 घंटों के भीतर शुरू होते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और प्रतिरक्षाविहीन व्यक्तियों में गंभीर बीमारी का जोखिम अधिक होता है।

दूसरी ओर भारत में स्थिति बिल्कुल विपरीत है। यहाँ के बाजारों में कार्बाइड से पकाये गए फल सहज ही मिल जाएंगे और सरकारी विभाग चैन की बांसुरी बजाता रहेगा। भारत में फलों और सब्जियों में घातक रसायनों का उपयोग पर एक संक्षिप्त रिपोर्ट यहां पढ़ें :
1. समस्या का स्वरूप:
भारत में अनेक प्रकार की सब्जियों और फलों में तेजी से पकाने, कीटों से बचाव, या लंबे समय तक ताजा बनाए रखने के लिए हानिकारक रसायनों का प्रयोग किया जाता है। कुछ प्रमुख रसायन निम्नलिखित हैं:
कार्बाइड (Calcium Carbide): आम जैसे फलों को जल्दी पकाने के लिए।
एथीलीन गैस: एक वैकल्पिक पकाने वाला एजेंट, परन्तु अधिक मात्रा में प्रयोग खतरनाक हो सकता है।
फफूंदीरोधी रसायन (Fungicides): जैसे थायोफेनेट-मेथिल, जो लंबे समय तक संग्रहण के लिए प्रयोग होते हैं।
कीटनाशक अवशेष (Pesticide Residues): क्लोरोपायरीफॉस, डीडीटी, एंडोसल्फान आदि जो अत्यधिक मात्रा में पाए जाते हैं।
वैकल्पिक रसायन: जैसे ऑक्सिटोसिन (पशुओं में उपयोग हेतु), जो कद्दू, लौकी आदि को बड़ा दिखाने के लिए अवैध रूप से इस्तेमाल किया जाता है।

  1. स्वास्थ्य पर प्रभाव:
    इन रसायनों के कारण निम्नलिखित स्वास्थ्य समस्याएँ हो सकती हैं:
    सिरदर्द, उल्टी, त्वचा रोग
    हार्मोनल असंतुलन
    लीवर, किडनी और तंत्रिका तंत्र पर प्रभाव
    बच्चों के विकास पर प्रतिकूल असर
    कैंसर जैसी घातक बीमारियों का खतरा

  2. चुनौतियाँ:
    निगरानी की कमी और अमल में ढिलाई
    किसानों और व्यापारियों में जागरूकता की कमी
    छोटे शहरों और गाँवों में परीक्षण की सीमित सुविधा

  3. सुझाव:
    उपभोक्ता जैविक या प्रमाणित स्रोतों से फल-सब्जियाँ खरीदें।
    सरकार को प्रयोगशालाओं और निगरानी नेटवर्क को और मजबूत करना चाहिए।
    कानूनों के कड़े क्रियान्वयन की आवश्यकता है।