नई दिल्ली, 17 जून 2025 — डीजीसीए ने एयर इंडिया में हाल के दिनों में सामने आए रखरखाव से संबंधित मामलों पर चिंता जताई। अधिकारियों को सलाह दी गई कि वे इंजीनियरिंग, संचालन और ग्राउंड हैंडलिंग इकाइयों के बीच आंतरिक समन्वय को बेहतर बनाएं।
नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने एयर इंडिया लिमिटेड और एयर इंडिया एक्सप्रेस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। वर्तमान में ये दोनों एयरलाइंस घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिदिन 1,000 से अधिक उड़ानें संचालित कर रही हैं।
यह बैठक एयरलाइनों के परिचालन प्रदर्शन की समीक्षा करने, सुरक्षा मानकों और यात्री सेवा नियमों के सतत अनुपालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बुलाई गई थी। बातचीत के दौरान निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई:
- रखरखाव से जुड़ी देरी
डीजीसीए ने एयर इंडिया में हाल के दिनों में सामने आए रखरखाव से संबंधित मामलों पर चिंता जताई। अधिकारियों को सलाह दी गई कि वे इंजीनियरिंग, संचालन और ग्राउंड हैंडलिंग इकाइयों के बीच आंतरिक समन्वय को बेहतर बनाएं। इसके अलावा, यात्रियों की असुविधा को कम करने के लिए स्पेयर पार्ट्स की पर्याप्त उपलब्धता और सभी नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया। -
हवाई क्षेत्र प्रतिबंधों का प्रभाव
हाल ही में कुछ हवाई क्षेत्रों, विशेष रूप से ईरानी हवाई क्षेत्र में लगाए गए प्रतिबंधों की समीक्षा की गई, जिससे उड़ानों का मार्ग परिवर्तित हुआ, देरी हुई और कुछ उड़ानें रद्द भी करनी पड़ीं। एयरलाइनों से कहा गया कि वे वैकल्पिक रूटिंग रणनीति अपनाएं और यात्रियों व चालक दल को समय पर सूचित करने की व्यवस्था मजबूत करें। -
यात्री सूचना और सुविधा
एयरलाइनों को नागरिक उड्डयन आवश्यकताओं (सीएआर) के खंड 3, श्रृंखला M, भाग IV और V के तहत उनकी जिम्मेदारियों की याद दिलाई गई। DGCA ने यात्रियों को देरी और रद्दीकरण की स्थिति में पहले से सूचना देने, प्रभावी सुविधा उपलब्ध कराने, और सभी उपलब्ध संचार चैनलों के माध्यम से समय पर जानकारी प्रसारित करने पर जोर दिया। -
बी787 बेड़े की सुरक्षा स्थिति
एयर इंडिया के बोइंग 787 बेड़े की हालिया जांच में कोई गंभीर सुरक्षा समस्या नहीं पाई गई। विमान और उनकी रखरखाव प्रणालियाँ सुरक्षा मानकों के अनुरूप पाई गईं।
B787-8/9 बेड़े की ‘संवर्धित सुरक्षा निरीक्षण’ स्थिति (17 जून 2025, 15:00 बजे तक):
DGCA के आदेश के अनुसार, एयर इंडिया के 33 विमानों पर यह अनिवार्य निरीक्षण लागू किया गया है। इनमें से 4 विमान वर्तमान में एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) सुविधाओं में जांच के अंतर्गत हैं। अब तक 24 विमानों की जांच सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है। आज 2 और विमानों की जांच होनी है, जबकि कल एक और विमान की जांच की जाएगी। शेष 6 विमानों में से 2 वर्तमान में दिल्ली में AOG (एयरक्राफ्ट ऑन ग्राउंड) स्थिति में हैं, जिनकी जांच सेवा में वापसी से पहले की जाएगी।
DGCA ने ऑपरेशनल और सुरक्षा-गंभीर विभागों को वास्तविक समय में दोष रिपोर्टिंग की अधिक सुदृढ़ व्यवस्था लागू करने को कहा, जिससे निर्णय प्रक्रिया में सुधार हो और भविष्य में परिचालन व्यवधान कम हों। (एआई की मदद से)
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