Election Commission Deploys Over 5,173 Flying Squads

निर्वाचन आयोग ने 5,173 से अधिक फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए

नई दिल्ली, 16 मार्च। भारत निर्वाचन आयोग ने शिकायतों के त्वरित निपटान के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 5,173 से अधिक फ्लाइंग स्क्वाड तैनात किए गए हैं। इसके अलावा निगरानी के लिए 5,200 से अधिक स्टैटिक सर्विलांस टीम (एसएसटी) भी सक्रिय कर दी गई हैं, ताकि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया जा सके।

भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) ने 15 मार्च 2026 को असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल की विधानसभाओं के लिए आम चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी है।

घोषित कार्यक्रम के अनुसार असम में 6 अप्रैल, केरल में 10 अप्रैल, तमिलनाडु में 13 अप्रैल, पुडुचेरी में 13 अप्रैल और पश्चिम बंगाल में 17 अप्रैल 2026 को मतदान कराया जाएगा।

आयोग ने चुनाव कार्यक्रम जारी होते ही संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेश में आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है।

निर्वाचन आयोग और असम, केरल तथा पुडुचेरी प्रशासन द्वारा जारी अधिसूचनाएं उनके-अपने राजपत्रों में प्रकाशित कर दी गई हैं। इसके साथ ही आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों और मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिया है कि चुनाव प्रक्रिया के दौरान आदर्श आचार संहिता का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए।

यह आचार संहिता केवल राज्य सरकारों ही नहीं बल्कि संबंधित राज्यों के लिए केंद्र सरकार द्वारा की जाने वाली घोषणाओं और नीतिगत फैसलों पर भी लागू होगी।

निर्वाचन आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि सरकारी, सार्वजनिक और निजी संपत्तियों पर लगाए गए राजनीतिक पोस्टर, बैनर और अन्य प्रकार के विरूपण को हटाया जाए। किसी भी राजनीतिक दल, उम्मीदवार या अन्य चुनाव से जुड़े व्यक्ति द्वारा सरकारी वाहनों, सरकारी आवास या सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इसके अलावा सरकारी धन से चुनाव प्रचार से जुड़े किसी भी प्रकार के विज्ञापन जारी करने की अनुमति नहीं होगी।

आयोग ने नागरिकों की निजता का सम्मान करने पर भी जोर दिया है। निर्देशों के अनुसार किसी भी निजी आवास के बाहर प्रदर्शन या धरना नहीं किया जाएगा। साथ ही किसी व्यक्ति की अनुमति के बिना उसकी भूमि, भवन या दीवारों पर झंडे, पोस्टर या बैनर नहीं लगाए जा सकेंगे।

चुनाव के दौरान शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए निर्वाचन आयोग ने एक विशेष शिकायत निगरानी प्रणाली स्थापित की है। इसमें कॉल सेंटर नंबर 1950 भी शामिल है, जिसके माध्यम से कोई भी नागरिक या राजनीतिक दल जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) या रिटर्निंग अधिकारी (आरओ) के पास शिकायत दर्ज करा सकता है।

इसके अतिरिक्त नागरिक और राजनीतिक दल ईसीआईएनईटी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सी-विजिल ऐप के जरिए भी आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की सूचना दे सकते हैं।

निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों को निर्देश दिया है कि वे किसी भी बैठक, रैली या जुलूस से पहले स्थानीय पुलिस प्रशासन को सूचित करें, ताकि यातायात और सुरक्षा की उचित व्यवस्था की जा सके। साथ ही ध्वनि विस्तारक यंत्रों और अन्य सुविधाओं के उपयोग के लिए आवश्यक अनुमति लेना अनिवार्य होगा।

आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि मंत्री या अन्य पदाधिकारी अपने आधिकारिक कर्तव्यों को चुनाव प्रचार के साथ नहीं जोड़ सकते। चुनाव प्रचार के लिए सरकारी मशीनरी, वाहन या सरकारी कर्मचारियों का उपयोग करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।

सभी स्तरों के अधिकारियों को यह निर्देश दिया गया है कि वे आदर्श आचार संहिता लागू करते समय पूर्ण निष्पक्षता बरतें और सभी राजनीतिक दलों तथा उम्मीदवारों के साथ समान व्यवहार सुनिश्चित करें। साथ ही सभाओं, जुलूसों और मतदान की व्यवस्थाओं को निष्पक्ष रूप से संचालित करते हुए कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी जिम्मेदारी होगी।

इसके अलावा ईसीआईएनईटी पोर्टल पर सुविधा (एसयूवीआईडीएचए) मॉड्यूल को सक्रिय कर दिया गया है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से राजनीतिक दल और उम्मीदवार मैदानों, हेलीपैड तथा अन्य सार्वजनिक स्थलों के उपयोग के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इन स्थानों का आवंटन “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर किया जाएगा।