Hirakund Express Train

आंध्र प्रदेश में हीराखंड एक्सप्रेस के नौ डिब्बे व इंजन पटरी से उतरे, 39 की मौत

विजयनगरम, 22 जनवरी | आंध्र प्रदेश के विजयनगरम जिले में जगदलपुर-भुवनेश्वर हीराखंड एक्सप्रेस के नौ डिब्बे व इंजन पटरी से उतर गए, जिससे 39 लोगों की मौत हो गई और 50 अन्य घायल हो गए। रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने घटना की जांच के निर्देश दे दिए हैं। रेल मंत्री सुरेश प्रभु दुर्घटनास्थल पर पहुंच चुके हैं। राहत कार्य का जायजा लेने के बाद उन्होंने मृतकों के शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात की। वह घायलों से भी मिले।

उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर दुख जताया है। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तथा पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने भी घटना पर दुख जताया।

पुलिस ने रविवार को बताया कि दुर्घटना शनिवार रात 11.30 बजे ओडिशा के रायगड़ा जिले से 24 किलोमीटर दूर कुनेरू स्टेशन के पास हुई। ट्रेन छत्तीसगढ़ के जगदलपुर से ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर जा रही थी।

पूर्व तट रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी जे.पी. मिश्रा ने बताया कि एक लगेज वैन, दो सामान्य और चार शयनयान डिब्बों, एक द्वितीय-सह-तृतीय श्रेणी वातानुकूलित, एक तृतीय श्रेणी वातानुकूलित सहित हीराखंड एक्सप्रेस के नौ डिब्बे और इंजन पटरी से उतर गए।

उन्होंने बताया, “चार राहत गाड़ियां अलग-अलग स्थानों से दुर्घटनास्थल के लिए रवाना की गईं। दुर्घटना के कारण का फिलहाल पता नहीं चल पाया है।”

रेल मंत्रालय ने रविवार शाम बताया कि राहत अभियान के लिए घटनास्थल पर सैन्य कर्मियों को लगाया गया है। यह अंतिम चरम में पहुंच गया है।

रेल मंत्रालय के अनुसार, दुर्घटना में सुरक्षित बचने वाले ट्रेन के अन्य 13 डिब्बों को संबलपुर और अंगुल के रास्ते 300 यात्रियों के साथ भुवनेश्वर रवाना कर दिया गया।

करीब 500 अन्य यात्रियों को बसों के जरिये उनके गंतव्य स्थलों के लिए ले जाया गया।

अधिकारियों ने बताया कि घायलों को चिकित्सा राहत ट्रेनों और एंबुलेंसों के जरिये अस्पतालों में ले जाया गया।

उन्होंने बताया कि 22 घायलों को पार्वतीपुरम सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सात घायलों को विशाखापट्टनम के किंग जॉर्ज अस्पताल में भेजा गया है, जबकि सात अन्य को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई।

कुछ घायलों को रायगड़ा जिले के अस्पताल ले जाया गया।

राहतकर्मी मलबे में फंसे यात्रियों को खोजने और उन्हें बाहर निकालने के लिए रातभर लगे रहे।

प्रधानमंत्री कार्यालय ने मोदी के हवाले से ट्वीट किया, “जगदलपुर-भुवनेश्वर एक्सप्रेस के पटरी से उतर जाने के कारण अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति मैं संवेदनाएं जाहिर करता हूं। यह त्रासदी दुखद है।”

उधर, नई दिल्ली में रेलवे के एक अधिकारी ने कहा कि घटना के पीछे नक्सलियों का हाथ होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। लेकिन ओडिशा पुलिस ने ऐसी आशंका को खारिज किया।

रेलवे ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता और घायलों में से प्रत्येक को 50,000 रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है। आंध्र प्रदेश की सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए पांच-पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि देने की बात कही है।

ट्रेन जगदलपुर से शनिवार दोपहर तीन बजे रवाना हुई थी और इसे रविवार को सुबह 8.25 बजे भुवनेश्वर पहुंचना था।

ट्रेन ओडिशा से आंध्र प्रदेश की सीमा में दाखिल होते ही दुर्घटना का शिकार हो गई, जहां से इसे फिर ओडिशा में प्रवेश करना था।

यह पिछले दो माह में तीसरा बड़ा रेल हादसा है। नवंबर 2016 में पटना-इंदौर एक्सप्रेस के 14 डिब्बे उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में पुखराइयां स्टेशन के पास पटरी से उतर गए थे, जिसमें 149 लोगों की मौत हो गई थी।

पिछले महीने कानपुर के पास अजमेर-सियालदह एक्सप्रेस के 15 डिब्बे पटरी से उतर गए थे, जिसमें दो लोगों की जान चली गई थी, जबकि 60 से अधिक घायल हो गए थे।

दुर्घटना के बाद इस मार्ग पर ट्रेन सेवाओं को रोक दिया गया। कुछ ट्रेनों को रद्द कर दिया गया तो कुछ के मार्ग परिवर्तित किए गए।

–आईएएनएस

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