Mangarh

मानगढ़ धाम में जनजाति स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय का शिलान्यास

’राजस्थान का जलियावालां बाग’ के नाम से प्रसिद्ध मानगढ़ धाम पर बनने वाले राष्ट्रीय संग्रहालय तक यातायात के लिए सड़क निर्माण एवं अन्य सुविधाओं के लिए राज्य सरकार द्वारा 22.40 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है।

प्रदेश की ऎतिहासिक धरोहर और संस्कृति के संरक्षण के लिए राज्य सरकार द्वारा 551 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न जिलों में 125 मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जा रहा है। लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से तीस पेनोरोमा के निर्माण का कार्य भी जारी हैं। इसी कड़ी में गोविंद गुरू की कर्मस्थली मानगढ़ धाम में राष्ट्रीय संग्रहालय की आधारशिला रखी गई है।

गोविंद गुरू सिर्फ तीन प्रदेश राजस्थान,गुजराज और मध्यप्रदेश ही नहीं, अपितु पूरे देश की आस्थाओं के केंद्र हैं। गोविंद गुरू ने संप सभा के माध्यम से जनजाति क्षेत्रों में सामाजिक कुरीतियों को दूर कर लोगों के जीवन को बदलने का कार्य किया। मानगढ़ में संग्रहालय बनाने का उद्देश्य है कि ऎसी महान आत्मा से आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा मिले।

मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने रविवार को बांसवाड़ा के मानगढ़ धाम में जनजाति स्वतंत्रता संग्राम संग्रहालय के शिलान्यास समारोह को संबोधित करते हुए उपरोक्त बातें कही।

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