नई दिल्ली, जून 2025। “स्टैंडर्ड्स एंड ट्रेड डिवेलपमेंट फैसिलिटी (STDF)” ने अपनी 2024 की वार्षिक रिपोर्ट में कहा है कि भारत में मसालों पर आधारित एक परियोजना ने गुणवत्ता और सुरक्षा को बेहतर बनाया। इसके तहत 80% से अधिक मसाले ऐसे पाए गए जो अंतरराष्ट्रीय मानक Codex Alimentarius के तहत तय अधिकतम अवशेष सीमा (MRL) पर खरे उतरे। इससे भारतीय मसालों को उच्च गुणवत्ता वाले बाजारों में प्रवेश मिला।
STDF की वार्षिक रिपोर्ट का विषय है – बदलाव को बढ़ावा देना (Driving Change)। यह रिपोर्ट बताती है कि STDF किस तरह विकासशील देशों को खाद्य सुरक्षा, पशु और पौधों के स्वास्थ्य से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करने में मदद कर रहा है, ताकि व्यापार सुरक्षित और आसान हो सके। यह कार्य विश्व व्यापार संगठन (WTO) के Sanitary and Phytosanitary Measures Agreement के तहत किया जा रहा है।
एक उपलब्धियों भरा वर्ष 2024
इस साल STDF की स्थापना को 20 वर्ष पूरे हुए। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस दौरान संगठन ने कई क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति की:
11 देशों में खाद्य और कृषि सुरक्षा मानकों (SPS) को बेहतर बनाया गया।
19 देशों में कानून, नियम और नीतियों में बदलाव लाए गए।
डिजिटलीकरण, ई-प्रमाणन (e-certification), सार्वजनिक-निजी भागीदारी और पर्यावरण व लैंगिक मुद्दों को कार्यों में शामिल किया गया।
कुछ खास उपलब्धियां:
भारत में मसालों पर आधारित एक परियोजना ने गुणवत्ता और सुरक्षा को बेहतर बनाया। इसके तहत 80% से अधिक मसाले ऐसे पाए गए जो अंतरराष्ट्रीय मानक Codex Alimentarius के तहत तय अधिकतम अवशेष सीमा (MRL) पर खरे उतरे। इससे भारतीय मसालों को उच्च गुणवत्ता वाले बाजारों में प्रवेश मिला।
गिनी में STDF की परियोजना ने फाइटोसैनिटरी प्रणाली को मजबूत किया, जिससे वहां के आम का निर्यात यूरोपीय देशों में शुरू हो सका। साथ ही आलू उत्पादन में 112% की बढ़ोतरी हुई, जिससे स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नए अवसर खुले।
लैंगिक समानता और पर्यावरण पर ध्यान
2024 में STDF ने Gender Action Plan के तहत 10 से अधिक देशों में महिलाओं की जरूरतों और अवसरों की पहचान की। इसके अलावा, रिपोर्ट में बताया गया कि दो-तिहाई परियोजनाओं में पर्यावरण, जैव विविधता और जलवायु लचीलापन पर ध्यान दिया गया है।
भविष्य की योजना
मई 2024 में हुई बाहरी समीक्षा में STDF के काम की सराहना की गई और इसे भविष्य के लिए प्रासंगिक बताया गया। इस आधार पर STDF ने 2025 से 2030 तक की नई रणनीति बनाई है, जिसे दाताओं, साझेदारों और विशेषज्ञों के सहयोग से तैयार किया गया है।
WTO की महानिदेशक डॉ. न्गोज़ी ओकोंजो-इवेला ने कहा, “STDF ने यह सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है कि व्यापार सुरक्षित और सतत विकास वाला हो। अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका और कैरिबियन में छोटे उत्पादकों को मानक पूरा करने में मदद मिली है, जिससे निर्यात बढ़ा, आय बढ़ी और नौकरियां बनीं।”
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