India will not succumb to terrorism and nuclear blackmail

भारत आतंकवाद और परमाणु ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा

नई दिल्ली, 03 जून — चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने स्पष्ट किया है कि भारत अब आतंकवाद और परमाणु ब्लैकमेल के दबाव में नहीं आने वाला देश है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को राज्य प्रायोजित आतंकवाद को बंद करना होगा।

जनरल चौहान ने यह टिप्पणी पुणे में सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय में आयोजित एक व्याख्यान के दौरान की। उनका व्याख्यान “युद्ध और युद्ध का भविष्य” विषय पर केंद्रित था।

पाकिस्तान के छद्म युद्ध पर कड़ी चेतावनी
सीडीएस ने कहा कि पाकिस्तान के छद्म युद्ध (proxy war) को अब भारत और उसकी सेनाएं बर्दाश्त नहीं करेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत की नई सैन्य रणनीति आतंकवाद को केवल सुरक्षा का नहीं, बल्कि संसाधनों — जैसे पानी — के साथ भी जोड़कर देखती है, जिससे सैन्य संचालन का नया ढांचा तैयार किया गया है।

ऑपरेशन सिंदूर: आतंकवाद के खिलाफ तेज़ और सटीक प्रतिक्रिया
जनरल चौहान ने हाल ही में हुए “ऑपरेशन सिंदूर” का उल्लेख किया, जो जम्मू-कश्मीर के पहलगाम क्षेत्र में हुए क्रूर आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया था। उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन के तहत सीमा पार और पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में आतंकी शिविरों को निशाना बनाया गया।

उन्होंने इसे भारत की आतंकवाद विरोधी नीति के विकास का हिस्सा बताया, जो 2016 के उरी सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 के बालाकोट एयर स्ट्राइक जैसी कार्रवाइयों से प्रेरित है।

पाकिस्तान को बातचीत की जल्दी पड़ी
व्याख्यान के दौरान जनरल चौहान ने 10 मई की एक महत्वपूर्ण घटना का उल्लेख करते हुए कहा:

“10 मई को लगभग 1 बजे पाकिस्तान ने कई हमलों की योजना बनाई थी, उनका उद्देश्य था कि 48 घंटों में भारत को घुटनों पर ला दिया जाए। लेकिन हमने केवल आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया। ऑपरेशन जो उन्होंने 48 घंटे तक चलने की कल्पना की थी, वह महज़ 8 घंटे में खत्म हो गया। इसके बाद पाकिस्तान की ओर से बातचीत के लिए खुद टेलीफोन आया।”

निष्कर्ष:
जनरल अनिल चौहान का यह बयान भारत की स्पष्ट और दृढ़ रक्षा नीति को दर्शाता है। उन्होंने यह संकेत दिया है कि भारत न केवल आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्यवाही करेगा, बल्कि परमाणु हथियारों के भय के बावजूद पीछे नहीं हटेगा।