तेल अवीव / तेहरान / मॉस्को, 23 जून 2025 — ईरान और इज़राइल के बीच जारी संघर्ष में बीते 24 घंटों के दौरान भारी सैन्य कार्रवाई देखने को मिली है। दोनों पक्षों की जवाबी कार्रवाइयों से तनाव चरम पर पहुंच गया है, जबकि वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ती जा रही है।
ईरान का नया मिसाइल हमला
ईरान ने इज़राइल के उत्तरी, मध्य और दक्षिणी इलाकों की ओर लगभग 15 बैलिस्टिक मिसाइलें चार अलग-अलग चरणों में दागीं। हालांकि कुछ मिसाइलें लक्ष्य तक पहुंचीं, लेकिन इज़राइली अधिकारियों ने पुष्टि की है कि कोई बड़ा नुकसान या हताहत नहीं हुआ। इज़राइल के रक्षा सिस्टम “आयरन डोम” ने अधिकांश मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक लिया।
इज़राइल का बड़ा जवाबी हमला
इज़राइली वायुसेना (IAF) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के छह प्रमुख वायु ठिकानों को निशाना बनाया। इन हवाई ठिकानों पर हमले पश्चिम, मध्य और पूर्वी ईरान में किए गए। इज़राइल डिफेंस फोर्स (IDF) के अनुसार, हमलों में कम से कम 15 विमान और हेलीकॉप्टर नष्ट कर दिए गए, जिनमें F-14, F-5 लड़ाकू विमान, AH-1 अटैक हेलीकॉप्टर और एक ईंधन भरने वाला विमान शामिल है। इसके अलावा रनवे और भूमिगत हैंगर भी तबाह कर दिए गए, जिससे ईरान की वायुसेना की क्षमताओं को गंभीर क्षति पहुंची।
IDF का कहना है कि ये सभी विमान इज़राइली विमानों को रोकने के लिए तैनात किए गए थे।
तेहरान में इज़राइली हमलों के प्रमुख लक्ष्य
IDF ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन प्रमुख ठिकानों की सूची साझा की, जिन्हें हवाई हमलों में निशाना बनाया गया:
आईआरजीसी और आंतरिक सुरक्षा बलों के कमांड केंद्र
बसीज मुख्यालय – इस्लामी कानून लागू करने और विरोधियों को दबाने वाला संगठन
अल्बोर्ज कोर – तेहरान क्षेत्र की सुरक्षा संचालन संभालता है
“थर-अल्लाह” कमांड सेंटर – तेहरान की आंतरिक सुरक्षा के लिए जिम्मेदार
“सैयद अल-शुहदा” कोर – गृह रक्षा और नागरिक विरोध को दबाने में सक्रिय
जनरल इंटेलिजेंस निदेशालय – आंतरिक सुरक्षा बलों और मीडिया निगरानी का नियंत्रण केंद्र
वैश्विक प्रतिक्रियाएं और कूटनीतिक गतिविधियां
इस बढ़ते संघर्ष को लेकर विश्वभर से तीव्र प्रतिक्रियाएं आ रही हैं:
तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने अपील की कि हालात को और न बिगड़ने दिया जाए। उन्होंने कहा, “हम अपने पड़ोसी ईरान पर इज़राइल और उसके सहयोगियों के हमलों को व्यापक आपदा में बदलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं।”
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने चेतावनी दी, “मध्य पूर्व में यह टकराव दुनिया को बेहद खतरनाक मोड़ की ओर ले जा रहा है।” उन्होंने मास्को में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरक़ची से मुलाकात भी की।
तालिबान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी हवाई हमलों की निंदा करते हुए कहा कि यह क्षेत्रीय अस्थिरता को बढ़ावा दे रहा है।
परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान का रुख
ईरान के उप विदेश मंत्री मजिद तख़्त-रवांची ने स्पष्ट किया कि ईरान अपने यूरेनियम संवर्धन कार्यक्रम को जारी रखेगा। उन्होंने कहा, “हमें क्या करना है, यह बताने का किसी को अधिकार नहीं है।”
उधर इज़राइल के पूर्व रक्षा मंत्री योआव गैलांट ने दावा किया है कि अमेरिका के हमलों के बाद ईरान की 90% परमाणु क्षमता नष्ट हो चुकी है। उन्होंने कहा, “हमारा मिशन लगभग पूरा हो चुका है।”
तेहरान, हमदान और करमनशाह पर विशेष हमले
IDF ने पुष्टि की है कि लगभग 20 इज़राइली लड़ाकू विमानों ने 30 से अधिक बम गिराकर तेहरान, हमदान और करमनशाह में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
स्थिति गंभीर, संघर्ष और बढ़ने की आशंका
दोनों देशों की आक्रामक रणनीति के बीच इस बात की गंभीर आशंका है कि यह संघर्ष व्यापक युद्ध का रूप ले सकता है। दुनिया की निगाहें अब कूटनीतिक प्रयासों और संभावित मध्यस्थता की ओर टिकी हैं, ताकि हालात को और बिगड़ने से रोका जा सके।



