नई दिल्ली, 17 जून 2025 । जानी-मानी कथक नृत्यांगना मंगला भट्ट का आज मंगलवार को जुबली हिल्स स्थित महाप्रस्थानम में अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें उनके प्रशंसक और शिष्य शामिल हुए।
जयपुर घराने की जानी-मानी कथक नृत्यांगना श्रीमती मंगला भट्ट का 16 जून 2025 को हैदराबाद में निधन होगया था । वे 62 साल की थीं। उन्होंने जयपुर घराने के प्रसिद्ध कथक गुरु पंडित दुर्गा लाल जी से दिल्ली में कत्थक की शिक्षा ली थीं ।
उनके पति राघव राज भट्ट स्वाम भी एक अच्छे कथक नर्तक हैं।
मंगला भट्ट हैदराबाद की आकृति कथक केंद्र की संस्थापक निदेशक भी थीं।
मंगला भट्ट को शास्त्रीय नृत्य के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू ने 2019 में संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार प्रदान किया था। मंगला और राघव राज भट्ट को के चंद्रशेखर राव से राज्य पुरस्कार प्राप्त हुआ था।
मंगला का जन्म कोल्हापुर , महाराष्ट्र में हुआ था और उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा कोल्हापुर में ही प्राप्त की। उन्होंने नई दिल्ली में प्रतिष्ठित कथक केंद्र संस्थान से प्रशिक्षण लिया था।
नई दिल्ली के कथक केंद्र में मंगला ने शुरुआत में जयपुर घराने के नृत्याचार्य स्वर्गीय कुंदनलाल गंगानी से प्रशिक्षण लिया और बाद में स्व. पंडित दुर्गा लाल जी से उन्नत प्रशिक्षण लिया । उन्होंने बहुत बाद में गुरु श्रीमती रोहिणी भाटे जी से भी मार्गदर्शन लिया ।
मंगला के अभिनय को उनकी सूक्ष्म अभिव्यक्ति और अंतर्निहित सटीकता के कारण विशेष रूप से सराहा गया है। वह विशेष रूप से कथक को अन्य विशिष्ट कला रूपों जैसे जैज़ ड्रम , फ्लेमेंको , कव्वाली , ग़ज़ल , प्रदर्शन कविता , कलरीपयतु , आधुनिक नृत्य , बैले , पेंटिंग आदि के साथ जोड़ने के लिए जानी जाती थीं।
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