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मध्यप्रदेश में बिजली की मांग 6 दिन से 10 हजार मेगावाट से ऊपर

मध्यप्रदेश में बिजली की मांग इस रबी सीजन में पिछले छ: दिन से 10 हजार मेगावाट के ऊपर पहुँच गई है। विगत 30 अक्टूबर को 22.36 करोड़ यूनिट बिजली की सर्वाधि‍क सप्लाई की गई। चालू वित्तीय वर्ष में यह अब तक की एक दिन की सर्वाधिक बिजली सप्लाई है। इस दिन सर्वाधिक बिजली की मांग 10 हजार 483 मेगावाट दर्ज की गई। वहीं मंगलवार 31 अक्टूबर को सुबह 9.00 बजे बिजली की मांग लगभग 10 हजार 500 मेगावाट तक पहुंच गई।

इस रबी सीजन में अक्टूबर के तीसरे सप्ताह से प्रदेश में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। बिजली की मांग की वृद्धि का मुख्य कारण प्रदेश में रबी सीजन की शुरूआत एवं बोवनी में किसानों को 10 घंटे गुणवत्तापूर्ण व निर्बाध बिजली की सप्लाई है। साथ ही प्रदेश के सभी बिजली उपभोक्ताओं को रोशनी के लिए 24 घंटे बिजली की सतत् सप्लाई भी की जा रही है। प्रदेश में पिछले छ: दिन से बिजली की मांग 10 हजार मेगावाट से ऊपर दर्ज हुई है। प्रदेश की तीनों विद्युत वितरण कंपनी के क्षेत्र में कृषि कार्य के लिए निरंतर बढ़ रही बिजली की मांग को करने के लिए कटिबद्ध हैं। अक्टूबर 2016 की तुलना में इस वर्ष 30 अक्टूबर तक प्रदेश में 22 प्रतिशत से अधिक बिजली की सप्लाई की गई। वहीं बिजली की मांग में इस दौरान 19 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई है।

वर्तमान में पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (जबलपुर, रीवा व सागर) में बिजली की अधिकतम मांग 2,620 मेगावाट, मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (भोपाल व ग्वालियर) में 3,342 मेगावाट और पश्चि‍म क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (इंदौर व उज्जैन) में 4,521 मेगावाट दर्ज की गई है।

प्रदेश में 30 अक्टूबर को जब बिजली की मांग 10 हजार 483 मेगावाट दर्ज हुई, उस समय बिजली की सप्लाई में मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के ताप व जल विद्युत गृहों का उत्पादन अंश 1,815 मेगावाट, इंदिरा सागर-सरदार सरोवर-ओंकारेश्वर जल विद्युत परियोजना का अंश 271 मेगावाट, एनटीपीसी व डीवीसी (सेंट्रल सेक्टर) का अंश 3,176 मेगावाट, सासन अल्ट्रा मेगा पॉवर प्रोजेक्ट का अंशदान 1,336 मेगावाट व आईपीपी का अंश 1,091 मेगावाट रहा और बिजली बैंकिंग से प्रदेश को 494 मेगावाट बिजली प्राप्त हुई। नवकरणीय स्त्रोत 2,300 मेगावाट बिजली मिली।

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