Modi to inaugurate world's tallest railway arch bridge

दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज का उद्घाटन करेंगे मोदी

नई दिल्ली, 5 जून – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल, 6 जून 2025 को जम्मू-कश्मीर की अपनी यात्रा के दौरान उधमपुर-श्रीनगर-बारामुल्ला रेल लिंक (USBRL) परियोजना को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।प्रधानमंत्री दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे आर्च ब्रिज चिनाब ब्रिज और भारत के पहले केबल-स्टेड रेल ब्रिज – अंजी ब्रिज का भी उद्घाटन करेंगे, जो USBRL का हिस्सा हैं।

यह परियोजना कश्मीर घाटी और देश के बाकी हिस्सों के बीच सभी मौसम में निर्बाध रेल संपर्क स्थापित करती है, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय गतिशीलता को बदलना और सामाजिक-आर्थिक एकीकरण को बढ़ावा देना है।

🔹 परियोजना की प्रमुख विशेषताएँ:

  • लंबाई: 272 किलोमीटर

  • लागत: लगभग ₹44,000 करोड़

  • पूर्ण विद्युतीकरण: पूरी परियोजना में

  • संरचना: 36 सुरंगें और 943 पुल शामिल

🔹 ऐतिहासिक पुलों का उद्घाटन:

  • चिनाब ब्रिज:

    • दुनिया का सबसे ऊँचा रेलवे आर्च ब्रिज

    • ऊँचाई: 359 मीटर (एफिल टॉवर से 35 मीटर ऊँचा)

    • लंबाई: 1 किलोमीटर से अधिक

    • भूकंप और 260 किमी/घंटा की तेज हवाओं को झेलने में सक्षम

    • आयु: 120 वर्षों तक टिकाऊ

  • अंजी ब्रिज:

    • भारत का पहला केबल-स्टेड रेलवे ब्रिज

    • स्थान: अंजी नदी घाटी, उधमपुर-श्रीनगर रेल मार्ग

    • भूकंपीय गतिविधियों और कठोर मौसम के लिए डिज़ाइन किया गया

    • यह मानव संकल्प और इंजीनियरिंग कौशल का प्रतीक है


वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा का शुभारंभ

प्रधानमंत्री दो नई वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाएंगे:

  • कटरा से श्रीनगर

  • श्रीनगर से कटरा

📆 नियमित सेवाएं शनिवार से प्रारंभ होंगी

  • सप्ताह में 6 दिन चलेंगी

  • मंगलवार: कटरा-श्रीनगर सेवा नहीं चलेगी

  • बुधवार: श्रीनगर-कटरा सेवा नहीं चलेगी

  • इससे कश्मीर घाटी और श्री माता वैष्णो देवी तीर्थस्थल के बीच आवागमन सुगम होगा


अन्य घोषणाएँ और विकास कार्य

  • सीमावर्ती क्षेत्रों में संपर्क बढ़ाने हेतु सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास

  • श्री माता वैष्णो देवी चिकित्सा उत्कृष्टता संस्थान (350 करोड़ रुपये) की आधारशिला

    • स्थान: कटरा, रियासी जिला

    • यह संस्थान क्षेत्र का पहला मेडिकल कॉलेज होगा

    • स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मिलेगा बड़ा बल


🔚 निष्कर्ष:

USBRL परियोजना और उससे जुड़े पुल, ट्रेन सेवाएं तथा स्वास्थ्य संस्थान जम्मू-कश्मीर के सामाजिक, आर्थिक और भौगोलिक परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम हैं। यह केवल कनेक्टिविटी ही नहीं, बल्कि एकीकृत भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक दृढ़ संकल्प है।