विजय माल्या का पासपोर्ट रद्द

नई दिल्ली, 24 अप्रैल | विदेश मंत्रालय ने ऋण न चुकाने के मामले में फंसे उद्योगपति विजय माल्या का पासपोर्ट रद्द कर दिया है। उन पर बैंकों का 9,000 करोड़ रुपये से अधिक का कर्ज है। विजय माल्या प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा तीन बार सम्मन भेजने के बाद भी उसके समक्ष पेश नहीं हुए, जिसके बाद यह कदम उठाया गया है।

माल्या ने ईडी के समक्ष पेश होने के लिए मई तक का समय मांगा है। विदेश मंत्रालय ने इससे पहले माल्या का पासपोर्ट निलंबित कर दिया था और 15 अप्रैल तक ईडी के समक्ष पेश नहीं होने के बाद उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी किया गया था।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने ट्वीट कर कहा, “कारण बताओ नोटिस पर विजय माल्या के जवाबों, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पेश तथ्यों और मुंबई की विशेष अदालत के न्यायाधीश द्वारा पीएमएलए अधिनियम, 2002 के तहत माल्या के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी करने के तथ्यों को ध्यान में रखते हुए विदेश मंत्रालय ने पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 10(3) (सी) और 10 (3)(एच) के तहत पासपोर्ट रद्द कर दिया है।”

मंत्रालय ने इससे पहला कहा था कि केंद्र सरकार माल्या को वापस भारत लाने तथा यहां उनके खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए बचनबद्ध है।

सूत्रों के मुताबिक, माल्या का पासपोर्ट रद्द होना और उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी होना, ब्रिटेन से उनके प्रत्यर्पण की दिशा में उठाया गया पहला कदम ही है।

सूत्रों का कहना है कि सरकार माल्या के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के मुद्दे पर भी विचार कर रही है। यह नोटिस जारी होने से ब्रिटेन में माल्या की गिरफ्तारी संभव हो जाएगी।

माल्या को 18 मार्च, दो अप्रैल और नौ अप्रैल को पेश होने के लिए कहा गया था। उनके कार्यालय ने माल्या की पेशी के लिए मई तक का समय मांगा था। माल्या दो मार्च से ही विदेश में हैं।

ईडी और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) विजय माल्या की बंद हो चुकी किंगफिशर एयरलाइंस की अलग से जांच कर रहे हैं।

किंगफिशर पर बैंकों की लगभग 9,200 करोड़ रुपये की देनदारी है।

फाईल फोटोः विजय माल्या। (आईएएनएस)

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