सर्वांगीण विकास के लिए पूर्वोत्तर भारत को विकसित करना आवश्यक

डिब्रूगढ़, 05 फरवरी (जनसमा)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने  इस बात को दोहराया है कि भारत के सर्वांगीण विकास के लिए पूर्वोत्तर भारत को विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस संदर्भ में केंद्र सरकार बुनियादी ढांचे और कनेक्टिविटी को बढ़ाकर पूर्वोत्तर क्षेत्र पर विशेष ध्यान दे रही है।

प्रधानमंत्री ने आज डिब्रूगढ़ के समीप लेपेटकाटा में एक पेट्रो रसायन परिसर, ब्रह्मपुत्र क्रेकर एंड पॉलिमर लिमिटेड को राष्ट्र को समर्पित किया। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने नुमालीगढ़ रिफाइनरीज लिमिटेड के वैक्स प्लांट (मोम संयंत्र) को भी राष्ट्र के नाम किया।

इस अवसर पर बोलते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि दो परियोजनाओं को आज राष्ट्र को समर्पित किया जा रहा है। यह दो कारणों से महत्वपूर्ण हैं – (अ) प्राकृतिक कच्चे माल के लिए इनसे वैल्यू एडीशन (मूल्य संवर्धन) प्राप्त होगा; (ब) असम के युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि इन परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित करने से जहां देश भर में खुशी (आनंद) है, वहीं असम में चौतरफा खुशी (सर्वानंद) है।

इन परियोजनाओं को समय से पूरा करने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि ये रोजगार सृजन सुनिश्चित करेंगी और इनसे बड़े पैमाने पर लागत की बचत होगी। उन्होंने कहा कि भारत के युवाओं के लिए रोजगार पैदा करने की खातिर देश का तेजी से औद्योगिक विकास आवश्यक है। इस संदर्भ में प्रधानमंत्री ने अपनी ‘प्रगति’ पहल का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह पहल करोड़ों रुपये की ठप परियोजनाओं को प्रोत्साहन दे रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार की ‘मुद्रा’ और ‘स्टार्ट-अप इंडिया’ जैसी पहलों का उद्देश्य युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करना है। उन्होंने कहा कि रोजगार के अवसर न सिर्फ बड़े शहरों में बल्कि छोटे शहरों में भी पैदा होने चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार सहकारी संघवाद के सिद्धांत पर काम कर रही है। केंद्र और राज्य दोनों को विकास के लिए मिलकर काम करना होगा।

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