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राजस्थान में 7 दिसंबर को विधानसभा के लिए मतदान की सभी व्यवस्थाएं पूरी

राजस्थान में 7 दिसंबर को विधानसभा चुनावों के लिए मतदान की सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।
विधानसभा आम चुनाव-2018 की 199 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में शुक्रवार को प्रातः 8 से सायं 5 बजे तक ईवीएम और वीवीपैट मशीनों से कराया जाएगा।
गौरतलब है कि मतगणना 11 दिसंबर को जिला मुख्यालयों पर करवाई जाएगी। निर्धारित केन्द्रों पर भी सुरक्षा की पुख्ता व्यवस्था की जाएगी। मतगणना प्रातः 8 बजे से आरंभ होगी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी आनंद कुमार ने राज्य के सभी मतदाताओं से अपील की है कि वे देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए निर्भय होकर बिना किसी डर व दबाव के मतदान करें।
कुमार ने बताया कि अलवर जिले के रामगढ़ विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र से बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह का 29 नवम्बर को देहावसान हो गया था।  वहां रिटर्निंग अधिकारी द्वारा चुनाव स्थगित कर दिया गया।
निर्वाचन आयोग ने इसके संबंध में पुनः तिथि का निर्धारण अभी तक नहीं किया है।
4.74 करोड़ से अधिक मतदाता कर सकेंगे मतदान
राज्य में कुल 199 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए कुल 4 करोड़ 74 लाख 37 हजार 761 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
इनमें से 2 करोड़ 47 लाख 22 हजार 365 पुरुष एवं 2 करोड़ 27 लाख 15 हजार 396 महिला मतदाता है।
प्रथम बार मतदान कर रहे युवा मतदाताओं की संख्या 20 लाख 20 हजार 156 हैं।
राज्य में सेवानियोजित मतदाताओं की संख्या 1 लाख 16 हजार 456 है, जिनको ईटीपीबीएस के माध्यम से पोस्टल बेलेट पेपर प्रेषित किए जा चुके हैं।
कुल 2274 उम्मीदवार चुनावी मैदान में
प्रदेश की 199 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों से कुल 2274 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।

इनमें से 2087 पुरुष और 187 महिला प्रत्याशी  हैं।
इंडियन नेशनल कांग्रेस से 194, भारतीय जनता पार्टी से 199 उम्मीदवार, बहुजन समाज पार्टी से 189, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी से 01, कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया से 16 एवं कम्यूनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्कसिस्ट) से 28 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, जबकि 817 अमान्यता प्राप्त दलों के प्रत्याशी एवं 830 निर्दलीय उम्मीदवार चुनाव मैदान में जोर-आजमाइश करते नजर आएंगे।
2 लाख से ज्यादा ईवीएम-वीवीपैट से होगा चुनाव
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि इस चुनाव में ईवीएम के प्रयोग के साथ-साथ संपूर्ण प्रदेश में वीवीपैट मशीनों का प्रयोग भी पहली बार किया जा रहा है।
वीवीपैट मशीन से मतदाता इस बात की पुष्टि कर सकेगा कि उसने जिस उम्मीदवार के पक्ष में मतदान किया है उसका वोट उसी उम्मीदवार के पक्ष में गया है।
उन्होंने बताया कि विधानसभा आम चुनाव-2018 में 68 हजार 894 बीयू, 59 हजार 160 सीयू एवं 68 हजार 303 वीवीपैट मशीनों का प्रयोग किया जा रहा है।
इसके अलावा रिजर्व के रूप में भी पर्याप्त मशीनें उपलब्ध हैं।
इस बार जयपुर जिले की किशनपोल विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र में 46 उम्मीदवार होने के कारण प्रत्येक मतदान केन्द्र पर 3 बीयू मशीन का प्रयोग किया जाएगा। जबकि सम्पूर्ण राज्य में कुल 33 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र ऎसे हैं, जिनमें 2-2 बीयू मशीन का प्रयोग किया जाएगा।
चार लाख से ज्यादा दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधा
कुमार ने बताया कि राज्य में कुल 4 लाख 36 हजार 125 मतदाता विभिन्न श्रेणियों के दिव्यांग जन हैं।
मतदान केन्द्रों पर उनकी सुविधा के लिए सभी मतदान केन्द्रों पर रैम्प्स, व्हील चेयर तथा सहायता के लिए 1 लाख 3 हजार 166 स्काउट गाइड, एनएसएस और एनसीसी के वोलेंटियर लगाए गए हैं।
दिव्यांगजनों को एवं उनके सहायकों को घर से लाने ले जाने के लिए भी परिवहन की व्यवस्था की गई है। दिव्यांग मतदाताओं के लिए ब्रेल में वोटर स्लिप एवं इपिक कार्ड का वितरण भी किया जा रहा है।
259 मतदान केंद्रों का जिम्मा महिलाओं को 
महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए नवाचार के रूप में 259 समस्त महिला प्रबंधित मतदान केन्द्र स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें मतदान दलकर्मी, सुरक्षाकर्मी इत्यादि सभी महिलाएं होंगी।
इस बार दिव्यांगजनों द्वारा स्वेच्छा से मतदान कर्मियों के रूप में अपनी सेवाएं देने का आग्रह किया गया है जिसे स्वीकार करते हुए उदयपुर में 2 एवं नागौर में 01 मतदान केन्द्र ऎसे बनाए जा रहे हैं, जहां सभी मतदानकर्मी दिव्यांगजन होंगे, जो यह संदेश देंगे कि वे किसी भी प्रकार से सामान्य जन से कम नहीं है।
मतदाताओं की सुविधा के लिए वोटर पर्ची एवं वोटर गाइड का वितरण भी सभी मतदाताओं को किया जा चुका है।
मतदान केन्द्रों पर मतदाताओं की सुविधा के लिए मतदाता सहायता बूथ भी स्थापित किये जाएंगे। आगामी चुनाव में 199 विधानसभा क्षेत्रों हेतु कुल 51 हजार 687 मतदान केन्द्रों की स्थापना की गई है। मतदान के लिए 209 आदर्श मतदान केन्द्र के रूप में स्थापित किए जा रहे हैं।
सी-विजिल पर मिलीं 3784 शिकायतें
उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता की पालना कठोरता से करवाई जा रही है।
विभिन्न स्तरों पर आने वाली सभी शिकायतों का त्वरित निस्तारण किया जा रहा है।
सी-विजिल एप से अब तक 3 हजार 784 से अधिक शिकायतें प्राप्त हो चुकी हैं।
इनमें से 3 हजार 98 शिकायतें सही पाई गईं। रिटर्निंग अधिकारी द्वारा जांच के बाद 491 शिकायतें ड्रॉप की गई हैं। इसी प्रकार डीसीसी द्वारा 166 शिकायतें ड्रॉप की गई है।
वर्तमान में डीसीसी स्तर पर 1 शिकायत एवं 28 शिकायतों में जांच की कार्यवाही की जा रही है।
13 हजार से ज्यादा संवेदनशील मतदान केंद्र
राज्य मे कुल 13 हजार 382 क्रिटिकल मतदान केन्द्र हैं, जिनमें से 4 हजार 982 मतदान केन्द्राें पर माइक्रो आब्जर्वर, 3 हजार 948 मतदान केन्द्राें पर विडियोग्राफर, 3 हजार 138 मतदान केन्द्राें पर वेबकास्टिंग और 7 हजार 791 मतदान केन्द्रों पर केन्द्रीय सुरक्षा बल (सीएपीएफ) की तैनाती की हुई है।
राज्य में कुल 387 नाके और चैक पोस्ट लगाए गए हैं। इसके अलावा कुल 1 लाख 44 हजार 941 पुलिस जाब्ता तैनात किया जा रहा है, जिसमें 640 कंपनियां केन्द्रीय सुरक्षा बल की हैं।
करोड़ों रुपए का अवैध धन और शराब जब्त
उन्होेंने बताया कि आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद कुल 14.93 करोड़ रुपए नकद, 3 लाख 96 हजार 161 लीटर (मूल्य अनुमानित रुपए 25.11 करोड़) अवैध शराब, 7.48 करोड़ रुपए मूल्य की ड्रग एवं नारकोटिक पदार्थ, 17.10 किलोग्राम सोना तथा 601.13 किलोग्राम चांदी (कुल मूल्य 6.88 करोड रुपए) तथा 260 विभिन्न प्रकार के वाहन (मूल्य 11.89 करोड रुपए) इस तरह कुल 66.31 करोड़ रूपए मूल्य की विभिन्न जब्तियां की गई हैं।
राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू होने के पश्चात विभिन्न वाहनों की चैकिंग पश्चात फाइन या पेनल्टी के 16.08 करोड़ रुपए जमा किए गए हैं।
अवैध हथियार और विस्फोटक पदार्थों की जब्ती
राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू होने के पश्चात 4 हजार 203 अवैध हथियारों, 1 हजार 450 कारट्रिज, 370 किलोग्राम विस्फोटक पदार्थो की जब्ती की गई है। राज्य में कुल 1 लाख 74 हजार 711 हथियार लाइसेंस है।
अब तक कुल 1 लाख 60 हजार 279 लाइसेंस हथियार जमा करा चुके हैं।
राज्य में अब तक सीआरपीसी के निरोधात्मक प्रावधानों के तहत 2 लाख 6 हजार 632 प्रकरणों में 3 लाख 94 हजार 911 व्यक्तियों को पाबंद किया गया है। कुल 2 लाख 14 हजार 455 गैर जमानती वारंटों की तामील कराई गई है।
सुरक्षा व्यवस्था पर पैनी नजर
कुमार ने बताया कि राज्य में कुल 4 हजार 146 वल्नरेबल गांवों का चिन्हीकरण किया गया है। उसमें से 20 हजार 265 व्यक्तियों को ट्रबलमोंगर (भय पैदा करने वाले) के रूप में चिन्हीकरण कर 19 हजार 722 व्यक्तियों को पाबंद किया गया है शेष को पाबंद किया जा रहा है।
इसी तरह राज्य में चुनाव व्यय मोनिटरिंग के लिए कुल 681 फ्लाइंग स्क्वाड, 692 एसएसटी, 325 वीएसटी, 199 वीवीटी तथा 199 अकाउटिंग टीम टीमों को लगाया गया है।
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