नई दिल्ली, 15 मई। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भारत और पाकिस्तान के बीच किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता से इनकार करते हुए कहा कि इस्लामाबाद के साथ व्यवहार पूरी तरह से द्विपक्षीय होगा।
नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा, अब केवल पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में अवैध रूप से कब्जाए गए भारतीय क्षेत्र को खाली करना ही बचा हुआ मुद्दा है।
जयशंकर ने जोर देकर कहा कि यह एक राष्ट्रीय सहमति है और भारत की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि पाकिस्तान के साथ बातचीत आतंकवाद पर केंद्रित होगी, जिसमें पाकिस्तान के पास सौंपने के लिए आतंकवादियों की एक सूची होगी और उनके बुनियादी ढांचे को नष्ट करना होगा।
उन्होंने यह भी बताया कि नई दिल्ली ने इस्लामाबाद को एक संदेश भेजा था जिसमें कहा गया था कि केवल आतंकवादी बुनियादी ढांचे को ही निशाना बनाया जा रहा है, लेकिन पाकिस्तान ने सलाह को नज़रअंदाज़ करना चुना।
जयशंकर ने इस बात पर भी ज़ोर दिया कि सिंधु जल संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद विश्वसनीय नहीं हो जाता और पूरी तरह से बंद नहीं हो जाता।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार पर बातचीत जारी है और कोई भी व्यापार सौदा पारस्परिक रूप से लाभकारी होना चाहिए और दोनों देशों के लिए काम करना चाहिए।
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