Prime Minister expresses condolences on the shooting incident in Canada

प्रधानमंत्री मोदी 20 और 21 जून को जम्मू-कश्मीर का दौरा करेंगे

नई दिल्ली, 20 जून। प्रधानमंत्री 20 जून की शाम लगभग छह बजे श्रीनगर में शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस सेंटर (एसकेआईसीसी) में ‘एम्पॉवरिंग यूथ, ट्रान्सफार्मिंग जे एंड के’ (युवाओं को सशक्त बनाना, जम्मू-कश्मीर में बदलाव लाना) विषयक कार्यक्रम में सम्मिलित होंगे।

प्रधानमंत्री जम्मू-कश्मीर में कई विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। वे कृषि और सम्बद्ध क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धात्मकता सुधार परियोजना (जेकेसीआईपी) का भी शुभारंभ करेंगे।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, 21 जून को सुबह लगभग 6.30 बजे प्रधानमंत्री श्रीनगर के एसकेआईसीसी में 10वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। प्रधानमंत्री इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करेंगे और उसके बाद सीवाईपी योग सत्र में भाग लेंगे।

इस वर्ष का आयोजन युवा मन और तन पर योग के गहरे प्रभाव को रेखांकित करता है। इस समारोह का उद्देश्य योगाभ्यास में हजारों लोगों को एकजुट करना, वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य और सेहत को बढ़ावा देना है।

इस अवसर पर, प्रधानमंत्री जम्मू-कश्मीर के युवा उपलब्धिकर्ता युवाओं से बातचीत करेंगे।

प्रधानमंत्री 1,500 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की 84 प्रमुख विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन करेंगे।

उद्घाटन में सड़क अवसंरचना, जलापूर्ति योजनाएं और उच्च शिक्षा में अवसंरचना आदि से संबंधित परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, प्रधानमंत्री चेनानी-पटनीटॉप-नाशरी खंड के सुधार, औद्योगिक संपदाओं के विकास और 06 सरकारी डिग्री कॉलेजों के निर्माण जैसी परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे।

प्रधानमंत्री 1,800 करोड़ रुपये की लागत वाली कृषि और सम्बद्ध क्षेत्रों में प्रतिस्पर्धात्मकता सुधार (जेकेसीआईपी) परियोजना का भी शुभारंभ करेंगे। यह परियोजना जम्मू-कश्मीर के 20 जिलों के 90 ब्लॉकों में क्रियान्वित की जाएगी और 15 लाख लाभार्थियों को कवर करते हुए तीन लाख परिवारों तक परियोजना की पहुंच होगी।

प्रधानमंत्री सरकारी सेवा में नियुक्त दो हज़ार से अधिक व्यक्तियों को नियुक्ति पत्र भी वितरित करेंगे। इन परियोजनाओं के शिलान्यास/उद्घाटन से युवाओं को सशक्त बनाया जाएगा तथा जम्मू-कश्मीर में अवसंरचना को उन्नत किया जाएगा।

इस वर्ष की थीम “योग फॉर सेल्फ एंड सोसायटी” है। इसके माध्यम से व्यक्तिगत और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने को रेखांकित किया जाता है। यह कार्यक्रम मैदानी स्तर पर लोगों की भागीदारी और ग्रामीण क्षेत्रों में योग के प्रसार को प्रोत्साहित करेगा।