Publication of draft voter list in Bihar: names will not be removed without reason.

बिहार में प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन, बिना कारण नाम नहीं हटाया जाएगा

नई दिल्ली, 2 अगस्त, 2025 : चुनाव आयोग द्वारा बिहार में विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) 2025 के पहले चरण(गणना चरण) का प्रारूप मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। आयोग ने साफ किया है कि प्रारूप मतदाता सूची से बिना कारण बताए कोई नाम नहीं हटाया जाएगा। इसके साथ ही अब भी नाम जुड़वाने के लिए पूरा एक महीने का समय शेष है।

यह सूची ऑनलाइन पोर्टलहट https://voters.eci.gov.in/download-eroll?stateCode=S04stateCode=S04 पर उपलब्ध है, साथ ही बिहार के सभी 38 DMs ने सभी 243 विधान सभा क्षेत्रों के सभी 90,712 बूथों की प्रारूप मतदाता सूची भी सभी राजनैतिक दलों से आज 1 अगस्त को साझा कर दी है ।

मुख्य बिंदु:

चुनाव आयोग का अतुलनीय, पारदर्शी एवं निष्पक्ष टीम वर्क की मिसाल:
हर गाँव, हर वार्ड, हर घर तक पहुँचने तथा प्रत्येक योग्य मतदाता का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के प्रयासों के अंतर्गत बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO), सभी 38 जिलों के जिला निर्वाचन पदाधिकारी (DEOs), 243 निर्वाचक नामांकन पदाधिकारी (EROs), 2,976 सहायक निर्वाचक नामांकन पदाधिकारी (AEROs), 90,712 मतदाता केंद्रों पर तैनात BLOs, लाखों वॉलंटियर्स तथा सभी 12 राजनैतिक दलों के जिला अध्यक्षों द्वारा नामित 1.6 लाख बूथ लेवल एजेंट्स (BLAs) ने अपनी अहम जिम्मेदारी का निर्वहन किया।
बिहार के 7.24 करोड़ से अधिक मतदाताओं ने एन्युमरेशन फॉर्म भरा; सभी मतदाता सूची में शामिल, यह अभूतपूर्व भागीदारी है।
अब है दावे और आपत्ति का समय – 1 अगस्त से 1 सितंबर 2025 तक : इस दौरान कोई भी मतदाता या राजनीतिक दल संबंधित ERO (इलेक्ट्रोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर) के समक्ष योग्य मतदाताओं के नाम जोड़ने और अयोग्य मतदाताओं का नाम हटाने के लिए निर्धारित प्रपत्र भरकर दावे एवं आपत्तियाँ दर्ज कर सकता है ।
अब भी एक महीने का समय है
नाम जुड़वाने का सभी पात्र मतदाताओं से अपील की कि वे सूची में अपना नाम जांचें, और यदि नाम नहीं है तो अपना नाम जुड़वाने के लिए फ़ॉर्म-6 के साथ घोषणापत्र (Declaration Form) भरकर जमा करें ।
युवा मतदाता, जो 1 जुलाई या 1 अक्टूबर 2025 तक 18 वर्ष के हो चुके हैं, उन सभी को भी फ़ॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराना चाहिए।
SIR के अनुसार, प्रारूप सूची से कोई भी नाम हटाने से पहले संबंधित ERO/AERO को सुनवाई का मौक़ा देकर लिखित आदेश जारी करने होंगे जिनके ऊपर DM तथा CEO अपील सुन सकेंगे।