rajasthan pavilion

राजस्थान मंडप – छोटी जगह पर ग्रामोद्योग का बड़ा खज़ाना

Handicraftsनई दिल्ली के प्रगति मैदान में बुधवार को शुरू हुए 38 वां भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला में आकर्षण का केन्द्र बने राजस्थान मंडप में इस बार अपेक्षाकृत छोटी जगह पर राजस्थान की विश्व प्रसिद्ध हस्तशिल्प व हथकरघा कला एवं खानपान का बड़ा खज़ाना देखा जा रहा है।
बिज़नेस दिवसों के बावजूद बड़ी संख्या में लोग मण्डप में आ रहे है ।
राजस्थान मंडप के निदेशक दिनेश सेठी ने बताया कि व्यापार मेला की इस वर्ष की थीम ‘भारत के ग्रामीण उद्योग’ के अनुरूप प्रदेश के विभिन्न भागों से आये लघु उद्यमियों द्वारा मंडप में अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
मंडप में कुल 30 स्टाल्स लगायें गये हैं। जिन पर राजस्थान की जग प्रसिद्ध जयपुरी रजाइया, सांगानेरी, बगरू एवं कोटा डोरिया की साड़ियां, सलवार सुइट्स, चद्दरें, खादी ग्रामोद्योग के विभिन्न आइटम्स व सजावटी सामान के साथ ही राजस्थानी व्यंजनों चटपटी कचौरी, भांति भांति के अचार,पापड़, सूखे मसाले, दाल,बाटी, चूरमा,ब्यावर की तिल पट्टी, हाज़मा की गोलियां आदि सभी को अपनी ओर लुभा रही है।
प्रगति मैदान में नवीनीकरण और जीर्णोद्धार कार्यो के चलते इस बार भी राज्य मंडपों के लिए कम स्थान आरक्षित हुआ हैं I सीमित स्थान के बावजूद प्रगति मैदान के हॉल नम्बर 12 ए में अन्य राज्यों के मंडपों के साथ राजस्थान मंडप में राजस्थान पर्यटन और प्रदेश के हस्तशिल्प उत्पादो की बहुरंगी छटा दिख रही हैI
प्रगति मैदान में 26 नवम्बर सोमवार को राजस्थान दिवस मनाया जायेगा।
राजस्थान पर्यटन की अतिरिक्त निदेशक श्रीमती गुंजीत कौर के अनुसार राजस्थान दिवस के अवसर पर प्रगति मैदान के हंस ध्वनि थिएटर में प्रदेश के विभिन्न भागों से आमंत्रित  राजस्थानी कलाकार  रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। I