Rescue operation on burning container ship, efforts intensified to avert danger

जलते कंटेनर पोत पर रेस्क्यू ऑपरेशन, खतरा टालने के प्रयास तेज

नई दिल्ली, 11 जून 2025: भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard – ICG) ने 11 जून को एक अत्यंत जोखिमपूर्ण ऑपरेशन के तहत सिंगापुर के जलते हुए कंटेनर पोत MV Wan Hai 503 पर बचाव दल के पांच सदस्यों और एक एयरक्रू गोताखोर को उतारा। यह कदम जहाज को तट से दूर ले जाने और टोइंग (खींचने) की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से उठाया गया।

यह कंटेनर पोत 9 जून को केरल तट के पास भारत के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में आग की चपेट में आ गया था और अब यह दक्षिण-पूर्व दिशा में बह रहा है। वर्तमान में यह केरल के बेपोर तट से लगभग 42 समुद्री मील की दूरी पर है।

भारी खतरा बना पोत
इस पोत में लगभग 1.2 लाख मीट्रिक टन ईंधन और सैकड़ों कंटेनर लदे हैं, जिनमें कुछ में खतरनाक सामग्री भी शामिल है। इससे समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र और आस-पास के शिपिंग मार्गों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

ICG का त्वरित और प्रभावी अग्निशमन प्रयास
तटरक्षक बल के गहन अग्निशमन प्रयासों के कारण अब दृश्य लपटों पर काफी हद तक काबू पाया जा चुका है। फिलहाल कार्गो होल्ड और इंजिन बे क्षेत्र से केवल धुआं उठता दिखाई दे रहा है, हालांकि आग अब भी जहाज के आंतरिक डेक और ईंधन टैंकों के पास सक्रिय बनी हुई है।

बड़ा संयुक्त अभियान जारी
अभियान में तटरक्षक बल के पांच जहाज, दो डोर्नियर समुद्री टोही विमान और एक हेलीकॉप्टर तैनात हैं। इन्हें शिपिंग महानिदेशालय के दो जहाजों का सहयोग प्राप्त है। जहाज मालिकों द्वारा नियुक्त विशेष बचाव दल भी ICG के साथ समन्वय में काम कर रहा है। इसके अलावा, भारतीय वायु सेना से भी अतिरिक्त हवाई सहायता मांगी गई है।

पारिस्थितिक आपदा को टालने की कोशिश
हालांकि जहाज पर लगी आग अब भी पूरी तरह बुझाई नहीं जा सकी है, फिर भी संभावित पर्यावरणीय संकट से बचाव के लिए टोइंग लाइन जोड़ी जा रही है ताकि जहाज को सुरक्षित दूरी पर ले जाया जा सके।

स्थिति पर कड़ी निगरानी
हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। तटरक्षक बल और संबंधित एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि समुद्री जीवन, व्यापारिक मार्गों और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।
भारतीय तटरक्षक बल (Indian Coast Guard – ICG) ने 11 जून को एक अत्यंत जोखिमपूर्ण ऑपरेशन के तहत सिंगापुर के जलते हुए कंटेनर पोत MV Wan Hai 503 पर बचाव दल के पांच सदस्यों और एक एयरक्रू गोताखोर को उतारा। यह कदम जहाज को तट से दूर ले जाने और टोइंग (खींचने) की प्रक्रिया को सुविधाजनक बनाने के उद्देश्य से उठाया गया।

यह कंटेनर पोत 9 जून को केरल तट के पास भारत के अनन्य आर्थिक क्षेत्र (EEZ) में आग की चपेट में आ गया था और अब यह दक्षिण-पूर्व दिशा में बह रहा है। वर्तमान में यह केरल के बेपोर तट से लगभग 42 समुद्री मील की दूरी पर है।

भारी खतरा बना पोत
इस पोत में लगभग 1.2 लाख मीट्रिक टन ईंधन और सैकड़ों कंटेनर लदे हैं, जिनमें कुछ में खतरनाक सामग्री भी शामिल है। इससे समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र और आस-पास के शिपिंग मार्गों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

ICG का त्वरित और प्रभावी अग्निशमन प्रयास
तटरक्षक बल के गहन अग्निशमन प्रयासों के कारण अब दृश्य लपटों पर काफी हद तक काबू पाया जा चुका है। फिलहाल कार्गो होल्ड और इंजिन बे क्षेत्र से केवल धुआं उठता दिखाई दे रहा है, हालांकि आग अब भी जहाज के आंतरिक डेक और ईंधन टैंकों के पास सक्रिय बनी हुई है।

बड़ा संयुक्त अभियान जारी
अभियान में तटरक्षक बल के पांच जहाज, दो डोर्नियर समुद्री टोही विमान और एक हेलीकॉप्टर तैनात हैं। इन्हें शिपिंग महानिदेशालय के दो जहाजों का सहयोग प्राप्त है। जहाज मालिकों द्वारा नियुक्त विशेष बचाव दल भी ICG के साथ समन्वय में काम कर रहा है। इसके अलावा, भारतीय वायु सेना से भी अतिरिक्त हवाई सहायता मांगी गई है।

पारिस्थितिक आपदा को टालने की कोशिश
हालांकि जहाज पर लगी आग अब भी पूरी तरह बुझाई नहीं जा सकी है, फिर भी संभावित पर्यावरणीय संकट से बचाव के लिए टोइंग लाइन जोड़ी जा रही है ताकि जहाज को सुरक्षित दूरी पर ले जाया जा सके।

स्थिति पर कड़ी निगरानी
हालात अब भी गंभीर बने हुए हैं। तटरक्षक बल और संबंधित एजेंसियां इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए हैं ताकि समुद्री जीवन, व्यापारिक मार्गों और पर्यावरण को होने वाले नुकसान को न्यूनतम किया जा सके।