असम में कोपिली नदी के रास्ते व्यापार और सामान के आवागमन का काम फिर से शुरू होगया है।
एक ऐतिहासिक कदम के रूप में, राष्ट्रीय जलमार्ग-57 शनिवार 2 अगस्त, 2025 को चंद्रपुर, कामरूप में गोवर्धन पुल से दक्षिण समारा में हाटसिंगिमारी तक पहली बार मालवाहक परीक्षण किया गया । यह परिचालन एक दशक से भी अधिक समय के बाद असम में अंतर-राज्यीय जलमार्ग माल परिवहन के शुरू होने का प्रतीक है।
केंद्रीय जलमार्ग मंत्री, सर्बानंद सोनोवाल ने इस विकास को असम और पूर्वोत्तर में अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन के लिए एक ‘ महत्वपूर्ण क्षण’ बताया।
स्व-लोडिंग क्षमता से लैस मालवाहक पोत एमवी वीवी गिरि ने 14
घन्टे में तीन सौ किलोमीटर की दूरी तय करके मेसर्स स्टार सीमेंट के 300 टन सीमेंट को कोपिली और ब्रह्मपुत्र नदी मार्ग से पहुँचाया। इस के साथ, असम में 1168 किलोमीटर से अधिक राष्ट्रीय जलमार्ग शुरू हो गए हैं।
सोनोवाल ने कहा, “ यह असम के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। कोपिली नदी पर राष्ट्रीय जलमार्ग-57 के संचालन के साथ राज्य के भीतर व्यापार मार्ग को फिर से शुरू कर रहे हैं, बल्कि एक अंतर्देशीय जल परिवहन प्रणाली के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम उठा रहे हैं जो किफायती, कुशल और पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ है।
बहुत लंबे समय तक, नदी परिवहन का समृद्ध अंतर्जाल स्वतंत्रता के बाद उपेक्षित रहा। आज, असम के चार राष्ट्रीय जलमार्गों – ब्रह्मपुत्र (राष्ट्रीय जलमार्ग 2), बराक (राष्ट्रीय जलमार्ग 16), धनसिरी (राष्ट्रीय जलमार्ग 31) और कोपिली (राष्ट्रीय जलमार्ग 57) पर माल की आवाजाही फिर से शुरू होने के साथ, 1168 किलोमीटर जलमार्गों को चालू कर दिया है, जो परिवहन का एक उचित, किफायती और प्रभावी वैकल्पिक साधन प्रदान करता है।”
वर्ष 2014 के बाद से 46 किलोमीटर लंबे राष्ट्रीय जलमार्ग-57 पर यह पहला कार्गो परीक्षण अभियान है, जो असम की नदी प्रणालियों के माध्यम से अंतर-राज्यीय कार्गो के पुनरुद्धार में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा। इस मार्ग का संचालन मैरीटाइम इंडिया विज़न 2030 और पीएम गति शक्ति के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य पूरे देश में टिकाऊ, एकीकृत और कुशल परिवहन आधारभूत ढाँचा स्थापित करना है।
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