नई दिल्ली, 30 मई – भगवान बुद्ध के पवित्र अवशेष वियतनाम में एक महीने तक चले प्रदर्शनी दौरे के दौरान जबरदस्त आध्यात्मिक प्रतिक्रिया मिलने के बाद सोमवार, 2 जून 2025 को भारतीय वायु सेना के विमान से भारत लौटेंगे और रात करीब 10:00 बजे दिल्ली पहुंचेंगे।
ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कंभमपति के नेतृत्व में भारत सरकार के प्रतिनिधिमंडल द्वारा लाए गए अवशेषों को पालम वायु सेना स्टेशन पर अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ (आईबीसी) के अधिकारियों और वरिष्ठ भारतीय भिक्षुओं द्वारा औपचारिक रूप से प्राप्त किया जाएगा।
यह प्रदर्शनी 21 मई को समाप्त होने वाली थी, किन्तु वियतनाम सरकार के विशेष अनुरोध पर उसे 2 जून तक बढ़ा दिया गया है। वियतनाम दौरे के दौरान, पवित्र अवशेषों कोे नौ शहरों में ले जाया गया, जहाँ भगवान बुद्ध के 15 मिलियन से अधिक अनुयायियों ने आशीर्वाद प्राप्त किया और दर्शन किये।
दिल्ली पहुंचने के बाद, पवित्र अवशेषों को मंगलवार, 3 जून की सुबह से एक दिन के लिए राष्ट्रीय संग्रहालय में सार्वजनिक दर्शन के लिए रखा जाएगा। बाद में वरिष्ठ भिक्षुओं, अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध परिसंघ के महासचिव और राजनयिक कोर के प्रतिनिधियों द्वारा औपचारिक प्रार्थना सेवा आयोजित की जाएगी।
बुधवार, 4 जून को राष्ट्रपति के काफिले में, राष्ट्राध्यक्षों के लिए आरक्षित पूर्ण प्रोटोकॉल का पालन करते हुए, अवशेष दिल्ली से रवाना होंगे। उन्हें वाराणसी के रास्ते सारनाथ ले जाया जाएगा, जहाँ उन्हें मूलगंध कुटी विहार में औपचारिक रूप से स्थापित किया जाएगा, जो एक ऐतिहासिक अंतर्राष्ट्रीय तीर्थयात्रा का समापन होगा।
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