नई दिल्ली, 30 अगस्त। भारत ने एमआरआई और सीटी स्कैन मशीनों, मैमोग्राफी इकाइयों, वेंटिलेटर, स्टेंट, हर्ट वाल्व, डायलिसिस मशीनों और कई प्रकार के प्रत्यारोपण उपकरणों सहित उन्नत उपकरणों के घरेलू निर्माण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि सफलतापूर्वक हासिल कर ली है। एक दशक पहले जो उत्पाद स्थानीय उत्पादन के लिए असंभव लगते थे, अब देश में ही बनाए जा रहे हैं, जो देश की बढ़ती क्षमताओं और नवाचार इकोसिस्टम को दर्शाता है।
यह जानकारी फार्मास्यूटिकल्स विभाग के सचिव अमित अग्रवाल ने नई दिल्ली में आयोजित 17वें सीआईआई ग्लोबल मेडटेक शिखर सम्मेलन में दी।
अग्रवाल ने कहा कि दुनिया भर के देश अब भारत को न केवल एक बाज़ार के रूप में, बल्कि स्वास्थ्य सेवा नवाचार में अग्रणी के रूप में भी देखते हैं। हमें अपनी क्षमताओं पर विश्वास करना होगा और मेडटेक क्षेत्र की पूरी क्षमता का उपयोग करने के लिए उद्योग-सरकार साझेदारी को और मज़बूत करना होगा।
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