हॉकी दिग्गज मोहम्मद शाहिद का निधन

नई दिल्ली, 20 जुलाई| ओलम्पिक स्वर्ण विजेता टीम के सदस्य रह चुके भारत के दिग्गज हॉकी खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद का बुधवार को लंबी बीमारी के कारण गुड़गांव के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 56 वर्ष के थे और काफी समय से किडनी और लीवर की परेशानी से जूझ रहे थे।

भारत के सर्वश्रेष्ठ हॉकी खिलाड़ियों में शुमार शाहिद, मॉस्को ओलम्पिक-1980 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। ओलम्पिक में भारत का यह आखिरी स्वर्ण पदक था।

पीलिया और डेंगू की चपेट में आने के कारण उनकी तबीयत और भी खराब हो गई थी। पेट दर्द की समस्या के कारण उन्हें काशी हिंदू विश्वविद्यालय के सर सुंदरलाल अस्पताल में 29 जून को भर्ती कराया गया था।

लेकिन स्थिती में सुधार न होने के कारण उन्हें इसी महीने के शुरू में वाराणसी से गुड़गांव के मेदांता मेडिसिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

शाहिद के परिवार में उनकी पत्नी प्रवीण शाहिद और दो बच्चे मोहम्मद सैफ और हीना शाहिद हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शाहिद के निधन पर शोक जताया।

मोदी ने अपने शोक संदेश में कहा कि देश ने एक महान खेल हस्ती को खो दिया और सरकार ने उन्हें बचाने की पुरजोर कोशिश की।

मोदी ने ट्वीट किया, “मोहम्मद शाहिद की असामयिक एवं दुर्भाग्यपूर्ण मौत से देश ने एक प्रतिभावान खेल हस्ती खो दी, जो हमेशा जुनून और उत्साह से खेले।”

उत्तर प्रदेश के वाराणसी में 14 अप्रैल, 1960 को जन्मे शाहिद को मलेशिया में हुए चार देशों के टूर्नामेंट के दौरान लोकप्रियता हासिल हुई।

तीव्र गति से खेलने और गेंद को उतनी ही तेजी से ड्रिबल करने में माहिर शाहिद ने 80 के दशक में भी हॉकी को लोकप्रिय बनाए रखा, जबकि भारतीय क्रिकेट टीम द्वारा 1983 विश्व कप जीतने के बाद भारत में हॉकी की छवि धुंधली पड़ने लगी थी।

लेफ्ट मिडफील्ड क्षेत्र में एक अन्य दिग्गज जफर इकबाल के साथ शाहिद को जोड़ी बेहतरीन थी और वह मास्को ओलम्पिक-1980 में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम के नायकों में से एक थे। इस जोड़ी ने भारत को 1982 और 1986 एशियाई खेलों में पदक दिलाए थे।

शाहिद ने 1985-86 सत्र में भारतीय हॉकी टीम की कमान भी संभाली और 1981 में उन्हें अर्जुन पुरस्कार तथा 1986 में पद्मश्री से नवाजा गया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार सुबह शाहिद के निधन पर शोक जताते हुए कहा कि देश ने एक प्रतिभाशाली खेल हस्ती को खो दिया।

सर्वश्रेष्ठ हॉकी खिलाड़ियो में से एक माने जाने वाले शाहिद को श्रद्धांजलि देते हुए मोदी ने कहा कि सरकार ने उन्हें बचाने की काफी कोशिश की थी।

मोदी ने ट्वीट किया, “शाहिद के असामयिक और दुर्भाग्यपूर्ण निधन के साथ ही भारत ने एक ऐसी प्रतिभाशाली खेल हस्ती खो दी, जो पूरे जोश और उत्साह के साथ खेलते थे।”

प्रधानमंत्री ने कहा, “हमने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की थी, लेकिन दुखद है कि हमारी प्रार्थनाएं भी उन्हें बचाने में असफल रहीं। शाहिद को नमन।”

हॉकी से संन्यास लेने के बाद शाहिद ने भारतीय रेलवे के साथ खेल अधिकारी के तौर पर काम किया और अपने गृहनगर वाराणसी में ही रहे।

शाहिद के निधन पर हॉकी इंडिया (एचआई) ने भी ट्वीट कर शोक जताया है।

एचआई ने ट्वीट किया, “भारतीय हॉकी के महान खिलाड़ी मोहम्मद शाहिद के असामयिक निधन पर हॉकी इंडिया दुख प्रकट करती है।”

ईएसपीएन ने शाहिद के जोड़ीदार रहे इकबाल के हवाले से कहा, “हम सब जो एक ही पीढ़ी से आते हैं, आज काफी दुखी हैं। हमने अपनी टीम का एक साथी खो दिया। मैं भारत के जितने खिलाड़ियों के साथ खेला हूं उनमें से वह सर्वश्रेष्ठ थे। सबसे प्रतिभाशाली और उदार खिलाड़ियों में से एक। लेकिन इससे भी ज्यादा मैं उन्हें अपना जोड़ीदार मानता था। शाहिद और मैंने सात साल साथ हॉकी खेली है।”

उन्होंने कहा, “जब मैं इसके बारे में सोचता हूं कि अगर शाहिद 1980 में जिस तरह खेले थे, उस तरह न खेलते तो हम काफी मुसीबत में पड़ जाते। स्पेन और पोलैंड के खिलाफ (यह दोनों पूल मैच थे जोकि 2-2 से ड्रॉ रहे थे, जबकि भारत ने फाइनल में स्पेन को 4-3 से मात दी थी) उन्हें विपक्षी टीम की रक्षापंक्ति को कमजोर कर दिया था, वह उस समय शानदार खेल रहे थे। वह समझ नहीं पा रहे थे कि शाहिद क्या कर रहे हैं। वह जिस तरह से घूमते थे वह अद्वितीय था।”

“अलविदा पार्टनर, भगवान आपकी आत्मा को शांती दे।”

मास्को ओलम्पिक-1980 में भारतीय हॉकी टीम के कप्तान वासुदेवन भास्करन ने कहा, “आज मैंने अपना दोस्त खो दिया। 1979 में कुआलालम्पुर में हुए चार राष्ट्रों के टूर्नामेंट के दौरान हम दोनों एक ही कमरे में रुके थे। वह उस समय सिर्फ 19 साल के थे, लेकिन काफी प्रतिभाशाली खिलाड़ी थे। वह विश्व के दिग्गज डिफेंडरों मुनव्वर उज जमन और अख्तर रसूल के खिलाफ खेल रहे थे। मैं नहीं समझता की आज की हॉकी में कोई भी खिलाड़ी उनके मुकाबले का है।”

खेल मंत्री विजय गोयल ने बुधवार को शाहिद के परिवार से मुलाकात की और सांत्वना दी।

गोयल ने एक बयान में कहा, “देश ने एक महान खेल हस्ती को खो दिया। मोहम्मद शाहिद का जीवन और करियर युवा पीढ़ी को हमेशा अच्छा प्रदर्शन करने और देश को ओलम्पिक जैसे अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंटों में ख्याति दिलाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।”

हाल ही में एशिया/पैसिफिक सुपर मिडिलवेट का खिताब जीतने वाले भारत के पेशेवर मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने भी हॉकी के दिग्गज खिलाड़ी के निधन पर दुख जताया है।

विजेंदर ने ट्वीट किया, “जादूगर और सर्वश्रेष्ठ ड्रिबलरों में से एक मोहम्मद शाहिद की आत्मा को भगवान शांति दे और उनके परिवार को सांत्वना दे।”

–आईएएनएस

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