संत कबीर नगर, 27 मई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबा तामेश्वरनाथ धाम को अयोध्या और काशी की तर्ज पर एक सुव्यवस्थित और भव्य तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने की प्रतिबद्धता जताई।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्य में किसी को उजाड़ा नहीं जाएगा, बल्कि व्यवस्थित पुनर्वास के साथ स्थानीय व्यवसायियों और गोसाइयों के हितों का ध्यान रखा जाएगा।
तीर्थस्थलों का कायाकल्प डबल इंजन सरकार की ताकत
उन्होंने अयोध्या में भगवान रामलला के भव्य मंदिर, काशी में काशी विश्वनाथ धाम और मां विंध्यवासिनी धाम के कायाकल्प हुए है। काशी में आज 50,000 श्रद्धालु एक साथ दर्शन कर सकते हैं, जबकि मां विंध्यवासिनी धाम में 10,000 श्रद्धालु एकसाथ जा सकते हैं। बाबा तामेश्वरनाथ धाम को भी ऐसा ही भव्य स्वरूप दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बखिरा के प्रसिद्ध पीतल उद्योग पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया और इसे स्थानीय कारीगरों के लिए रोजगार का बड़ा माध्यम बताया। बखिरा के कांसे के बर्तनों को ओडीओपी योजना के तहत नई पहचान मिली है।
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