Terrorism and dialogue cannot go together

आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते

नई दिल्ली, 29 मई –विदेश मंत्रालय ने आज कहा कि पाकिस्तान के साथ बातचीत के मामले में भारत का रुख बिल्कुल स्पष्ट है और दोहराया कि कोई भी बातचीत द्विपक्षीय होनी चाहिए। आज दोपहर नई दिल्ली में मीडिया को जानकारी देते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते।

विदेश मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत वक्तव्य भारत की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी रुख की स्पष्टता को दर्शाता है। प्रवक्ता रणधीर जायसवाल के अनुसार भारत की पाकिस्तान के साथ बातचीत को लेकर नीति एकदम स्पष्ट और स्थिर है—कोई भी वार्ता केवल द्विपक्षीय होगी और आतंकवाद से मुक्त वातावरण में ही संभव है। यह रुख न केवल भारत की सुरक्षा चिंताओं को प्राथमिकता देता है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भी एक सशक्त संदेश है कि भारत आतंकवाद के साथ किसी भी स्तर की सहिष्णुता नहीं बरतेगा।

इसके अतिरिक्त, जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में भी भारत ने दृढ़ता से कहा है कि जब तक पाकिस्तान पाक अधिकृत कश्मीर (PoK) को खाली नहीं करता, इस मुद्दे पर कोई संवाद नहीं होगा। यह बयान भारत की क्षेत्रीय अखंडता और संप्रभुता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सिंधु जल संधि को लेकर भी भारत ने पहली बार सख्त रुख अपनाया है—यह संधि तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देना पूर्णतः बंद नहीं करता। इससे स्पष्ट है कि भारत अब जल संसाधनों का उपयोग भी रणनीतिक दबाव के एक साधन के रूप में कर सकता है।

वहीं, ईरान में लापता हुए तीन भारतीय नागरिकों के मामले में मंत्रालय की तत्परता और सक्रिय कूटनीति देखने को मिली। प्रवक्ता ने बताया कि ईरानी अधिकारियों से सहयोग प्राप्त हो रहा है और भारत सरकार संबंधित परिवारों को हर संभव सहायता दे रही है। यह विदेशों में भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

बांग्लादेश के चुनावी घटनाक्रम पर भारत ने संयमित और रचनात्मक रुख अपनाया है। भारत का उद्देश्य है कि पड़ोसी देश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया समावेशी, निष्पक्ष और स्वतंत्र हो, जिससे जन-इच्छा का सही प्रतिनिधित्व हो सके।

अमेरिका में भारतीय छात्रों से जुड़े प्रश्न के उत्तर में, प्रवक्ता ने कहा कि विदेश में छात्रों का कल्याण सरकार की प्राथमिकता है। भारत सरकार यह अपेक्षा करती है कि वीज़ा जैसे संप्रभु निर्णय योग्यता के आधार पर किए जाएं और भारतीय छात्रों को उचित अवसर मिले।

मुख्य बिंदु (हाइलाइट्स):
पाकिस्तान के साथ संवाद:

केवल द्विपक्षीय स्तर पर वार्ता संभव।

आतंकवाद और बातचीत साथ नहीं चल सकते।

PoK खाली किए बिना जम्मू-कश्मीर पर कोई चर्चा नहीं।

सिंधु जल संधि:

तब तक स्थगित रहेगी जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को समर्थन नहीं छोड़ता।

ईरान में लापता भारतीय:

तीन भारतीय नागरिक तेहरान में लापता।

भारत-ईरान सहयोग जारी; परिवारों को मदद दी जा रही है।

बांग्लादेश पर भारत का रुख:

समावेशी और निष्पक्ष चुनाव की वकालत।

भारत रचनात्मक और सकारात्मक संबंध चाहता है।

विदेश में भारतीय छात्र:

उनका कल्याण सरकार की शीर्ष प्राथमिकता।

वीज़ा जारी करने में योग्यता आधारित निर्णय की अपेक्षा।