नई दिल्ली, 14 मार्च। राजस्थान में एक परियोजना के तहत, ग्रेट इंडियन बस्टर्ड ने एक संरक्षित वातावरण में दो चूजों को जन्म दिया है।
केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को बताया कि प्रोजेक्ट ग्रेट इंडियन बस्टर्ड (जीआईबी) ने अपने कैप्टिव ब्रीडिंग प्रोग्राम के चौथे वर्ष में प्रवेश कर लिया है। इस सप्ताह राजस्थान के संरक्षण प्रजनन केंद्र में दो नए चूजों के जन्म के साथ, कैप्टिव अवस्था में पक्षियों की संख्या 70 हो गई है।
यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के पर्यावरण के प्रति संवेदनशील नेतृत्व में देश इस परियोजना को बड़ी सफलता दिलाने की दिशा में सही राह पर है।
यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में इस उपलब्धि को साझा करते हुए इसे प्रोजेक्ट जीआईबी के तहत हासिल की गई एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। यादव ने कहा कि राजस्थान के कैप्टिव ब्रीडिंग केंद्र में इस सप्ताह दो चूजों का जन्म हुआ, जिनमें से एक प्राकृतिक प्रजनन से और दूसरा कृत्रिम गर्भाधान से पैदा हुआ है।
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