भोपाल, 29 जुलाई 2025 । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि बाघ सहित सभी वन्यजीवों की संख्या निरंतर बढ़ रही है और इनके संरक्षण और उनके बेहतर प्रबंधन के आदर्श केन्द्र के रूप में मध्यप्रदेश की पहचान बनी है। मध्यप्रदेश को टाईगर स्टेट का गौरव प्राप्त है, हमारे राज्य में 9 टाईगर रिजर्व हैं।
वन्य जीव संरक्षण में भारत को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धि दिलाने में प्रदेश के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। विश्व में मध्यप्रदेश टाईगर स्टेट के रूप में पहचान बना चुका है। मध्यप्रदेश बाघ, चीता, गिद्ध, भेड़िया की संख्या में प्रथम स्थान पर है।
यादव ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण के लिए स्थानीय समुदाय की सहभागिता को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। राज्य सरकार के इन प्रयासों से पारिस्थितिकी तंत्र के मजबूत होने के साथ प्रदेश में पर्यटन गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर भोपाल में ‘अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस’ के अवसर पर राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वनकर्मियों के अथक प्रयासों से प्रदेश में वन क्षेत्र समृद्ध हो रहा है और वन्यजीवों की संख्या भी बढ़ रही है। मध्यप्रदेश बाघ और मनुष्य के एक साथ रहने के उदाहरण के रूप में उभर रहा है।
फिल्म “अबोड़ ऑफ चीताज़” का टीजर रिलीज
विभिन्न वृत्तचित्रों के टीजर जारी किए गए। इसके अंतर्गत पेंच टाइगर रिजर्व द्वारा “स्थानीय समुदाय की सहभागिता से बाघ प्रबंधन” पर विकसित फिल्म, कान्हा टाइगर रिजर्व द्वारा विकसित फिल्म “मृत्युंजय”, सतपुड़ा टाइगर रिजर्व पर केंद्रित फिल्म “सतपुड़ा कल आज और कल” तथा चीता पुनर्वास पर केंद्रित फिल्म “अबोड़ ऑफ चीताज़” के टीजर रिलीज किए गए।
पुरस्कार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्यजीव संरक्षण में उत्कृष्ट कार्यों के लिए पुरस्कार प्रदान किए। इसके अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय बाघ तस्कर को सजा दिलाने तथा इंटरपोल द्वारा प्रशंसा प्राप्त अपराध अन्वेषण दल के सदस्यों को सम्मानित किया गया।
साऊथ अफ्रीका से लाए गए चीतों के कुशल प्रबंधन-संवर्धन और संरक्षण के लिए सक्रिय वन्यजीव प्रबंधन दल के सदस्यों का भी सम्मान हुआ। प्रदेश में वन्य जीवों के स्वास्थ्य, अनुश्रवण और उपचार में महत्वपूर्ण योगदान देने के साथ चीतों के स्वास्थ्य और उपचार में सहयोग के लिए स्कूल ऑफ वाईल्ड लाईफ फॉरेंसिक एंड हेल्थ जबलपुर की संचालक श्रीमती शोभा जावरे का सम्मान किया गया।
इस क्रम में बाघ पुनर्वास में योगदान के लिए वन क्षेत्रपाल माधव टाईगर रिजर्व सुश्री शुभी जैन, ग्राम विस्थापन में सराहनीय योगदान के लिए संजय टाईगर रिजर्व के वन क्षेत्रपाल श्री महावीर सिंह पांडे, बाघ अनुश्रवण एवं गौर पुनर्स्थापन में योगदान के लिए सतपुड़ा टाईगर रिजर्व के श्री मणिराम महावत, चीते की सतत् निगरानी और सुरक्षा में योगदान के लिए वन मंडल मंदसौर के वन पाल श्री दिनेश सिंह कुशवाह को सम्मानित किया गया।
वन्यजीवन रेस्क्यू श्रेणी के अंतर्गत सतना के वनरक्षक श्री रामसुरेश वर्मा और पन्ना टाईगर रिजर्व के वनरक्षक श्री रामपाल प्रजापति सम्मानित हुए। ग्राम विकास और वन्यजीव द्वंद को कम करने में योगदान के लिए पेंच टाईगर रिजर्व की मिर्चीबाड़ी ईको विकास समिति, वन्य जीवन सुरक्षा और उनके स्थानांतरण कार्य में योगदान के लिए कान्हा टाईगर रिजर्व के महावत श्री गुलाब सिंह उईके और ग्रामीण विकास तथा पर्यटक सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए पेंच टाईगर रिजर्व के सुरक्षा श्रमिक श्री हृदय मसकोले को सम्मानित किया गया।
इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वन्यजीवों के परिवहन के लिए तीन वन्यजीव वाहन, तीन वन्य जीव चिकित्सा वाहन और दो डॉग स्क्वायड रेस्क्यू वाहनों का लोकार्पण किया। उन्होंने वन्यजीव परिवहन के लिए वाहनों में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी भी प्राप्त की।
Follow @JansamacharNews




