मोदी ने गोंड जनजाति की परंपरा पर आधारित प्रदर्शनी देखी

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प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने मंडला जिले के रामनगर में गोंड जनजाति की परंपरा एवं जीवन शैली पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस मौके राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान भी मौजूद थे।

मोदी ने गोंड जनजाति की परंपरा और जीवन शैली पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में काष्ठ से बनी नारी प्रतिमा, गोंड जनजाति के बर्तन, वस्त्र, अस्त्र-शस्त्र, प्राकृतिक जीवन शैली की परंपरा का चित्रण किया गया है। प्रदर्शनी में बैगा जनजाति द्वारा प्रकृति से उपलब्ध फलों को सुखाकर गिलास-कप आदि के रूप में उपयोग करने का भी चित्रण किया गया है। इसके साथ ही, उनकी पूजा एवं श्रृंगार विधि को भी दर्शाया गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस-2018 समारोह के अवसर पर मंडला जिले के रामनगर में मोतीमहल के समीप देश के विभिन्न हिस्सों से आए करीब ढाई सौ पंचायत प्रतिनिधियों तथा उत्कृष्टता पुरस्कार प्राप्त अतिथियों के साथ ग्रुप फोटो निकलवाई।

मोदी ने इस मौके पर मंडला के गोंड राजवंश के ध्वज का सम्मान के साथ अवलोकन किया।

काष्ठ शिल्प के संबंध में बताया गया कि विश्व में भारतीय नारी की पहचान साड़ी परिधान से की जाती है। इस काष्ठ शिल्प प्रदर्शनी का उदे्दश्य है कि नारी का सम्मान बढे़, उसके जीवन की रक्षा हो तथा एक प्रगतिशील नारी के रूप में भारतीय नारी की पहचान बने। गोंड राजाओं के ध्वज स्तंभ में उल्लेख है कि गोंड राजवंश के 63 नरेशों ने इस धरा पर शासन किया था।