Two persons arrested for cheating NEET candidates

नीट उम्मीदवारों को धोखा देने के आरोप में दो व्यक्ति गिरफ्तार

नई दिल्ली, 17 जून 2025 —केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने नीट उम्मीदवारों को धोखा देने के आरोप में दो निजी व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने पैसे के बदले में नीट यूजी 2025 के प्राप्तांकों में हेरफेर करने का झूठा वादा करके नीट उम्मीदवारों को धोखा दिया था।

आरोपी निजी व्यक्ति और अज्ञात अन्य लोगों के खिलाफ मामला 9 जून,2025 को दर्ज किया गया था।

आरोप है कि महाराष्ट्र के सोलापुर और नवी मुंबई के रहने वाले दो आरोपी नीट उम्मीदवारों और उनके माता-पिता को धोखा देने में शामिल थे। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के काल्पनिक अधिकारियों के नाम ले कर पीड़ितों को आश्वासन दिया था कि उन अधिकारियों से उनके गहरे संपर्क हैं और वे उन्हें मोटी रकम के बदले नीट यूजी 2025 में कम अंक पाने वाले उम्मीदवारों के प्राप्तांकों में हेरफेर करा सकते हैं।

यह भी पता चला कि आरोपी मुंबई के परेल स्थित होटल आईटीसी ग्रैंड सेंट्रल में नीट यूजी 2025 के उम्मीदवारों के भोले-भाले माता-पिता से मिल रहा था।

जांच के दौरान पता चला कि आरोपी प्रति उम्मीदवार 90 लाख रुपये की मांग कर रहा था, बाद में बातचीत करके उसने प्रति उम्मीदवार 87.5 लाख रुपये स्वीकार करने के लिए तैयार हो गया। उसने झूठा दावा किया कि वह एनटीए अधिकारियों को प्रभावित कर सकता है और नीट यूजी 2025 के प्राप्तांकों में हेरफेर कर सकता है। इसके अतिरिक्त, उसने उम्मीदवारों को यह भी आश्वासन दिया कि परिणामों की आधिकारिक घोषणा से छह घंटे पहले उन्हें (आरोपियों को) उनके (उम्मीदवारों के) कथित रूप से बढ़े हुए अंकों का विवरण प्राप्त होगा।

जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी सह-आरोपी, जो नवी मुंबई में एक एडमिशन कंसल्टेंसी फर्म संचालित करता है, और एक अन्य व्यक्ति, जो पुणे में इसी तरह की कंसल्टेंसी चलाता है,के संपर्क में था।

गिरफ्तार व्यक्तियों के मोबाइल फोन की फोरेंसिक जांच में संभावित उम्मीदवारों, उनके रोल नंबर, एडमिट कार्ड, ओएमआर शीट और हवाला नेटवर्क के माध्यम से वित्तीय लेनदेन के साक्ष्य वाले आपत्तिजनक चैट का पता चला।

जांच के दौरान, आरोपी को 9 जून 2025 को मुंबई से गिरफ्तार किया गया, जबकि सह-आरोपी को 10 जून 2025 को महाराष्ट्र के सांगली जिले से गिरफ्तार किया गया। दोनों को माननीय विशेष सीबीआई न्यायालय, मुंबई के समक्ष पेश किया गया। माननीय न्यायालय ने शुरू में आरोपियों कोदिनांक 13.06.2025 तक पुलिस हिरासत रिमांड (पीसीआर) पर रखने की मंजूरी दी, जिसे बाद में 16.06.2025 तक बढ़ा दिया गया।

मामले में जांच के दौरान आरोपी व्यक्तियों के साथ किन्हीं सरकारी अधिकारियों या एनटीए कर्मियों की कोई संलिप्तता नहीं पाई गई है। आरोपियों ने एनटीए अधिकारियों के साथ संबंध होने का झूठा दावा करके नीट यूजी 2025 उम्मीदवारों एवं उनके माता-पिता को गुमराह किया।

मामले में जांच जारी है।