धनी और रसूखदार लोगों के छुपाए धन का खुलासा है ‘पनामा पेपर्स’

नई दिल्ली, 4 अप्रैल | कई भारतीयों समेत दुनिया के प्रमुख लोगों की 2 लाख 14 हजार छिपी हुई विदेशी कंपनियों के बारे में 1.10 करोड़ दस्तावेजों के जरिये किए गए सबसे बड़े खुलासे का नाम ‘पनामा पेपर्स’ है। इन दस्तावेजों के आंकड़ों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि इसमें 2600 जीबी से अधिक डाटा है। ये दस्तावेज पनामा स्थित कानूनी फर्म ‘मोसैक फोंसेका’ से लीक हुए हैं। इस कंपनी के बारे में दुनिया के कम ही लोग जानते हैं।

इनमें भारत के 5 सौ लोगों के नाम शामिल हैं जिनमें अमिताभ बच्चन, ऐश्वर्या राय,  डीएलएफ के मालिक के पी सिंह और इण्डिया बुल्स के अडाणी आदि हैं।

खोजी पत्रकारों के अंतर्राष्ट्रीय संघ (आईसीआईजे) ने जर्मनी के अखबार ‘सड्यूश जेटुंग’ और भारत के ‘इंडियन एक्सप्रेस’ सहित सौ से अधिक मीडिया साझीदारों के साथ इन लीक हुए दस्तावेजों की एक साल से अधिक समय तक जांच पड़ताल की। इसमें दो सौ से अधिक देशों एवं भूभागों में फैली 2 लाख 14 हजार से भी अधिक कंपनियां हैं।

इनमें जो दस्तावेज हैं उनमें ई-मेल, आय-व्यय का ब्यौरा, पासपोर्ट और ऐसे कार्पोरेट रिकार्ड हैं जिनमें कंपनियों के बैंक खाते और उनके गुप्त मालिकों के नाम हैं।

इन दस्तावेजों को जुटाने के लिए करीब 80 देशों के 25 भाषाओं के पत्रकारों ने मिलकर काम किया और आपस में जानकारियां साझा कीं। आठ माह पहले जब यह जांच शुरू की गई तब से लेकर अब तक ये जानकारियां गुप्त रखी गईं।

इन दस्तावेजों में दिखाया गया कि किस तरह ‘मोसैक फोंसेका’ ने काले धन को सफेद करने में मदद की। किस तरह प्रतिबंधों को चकमा दिया और कर की चोरी की।

लेकिन, मोसैक फोंसेका ने कुछ भी गलत करने से इनकार किया है। कंपनी की ओर से कहा गया है कि वह 40 साल से काम कर रही है और कभी उस पर कोई आपराधिक आरोप नहीं लगे।

दूसरी ओर, आईसीआईजे के निदेशक गेरार्ड राइले ने कहा है कि उनके दस्तावेजों में मोसैक फोंसेका के पिछले 40 सालों के प्रतिदिन के कार्यकलाप से जुड़े दस्तावेज शामिल हैं।

आईएएनएस/