‘याहू’ नहीं अब ‘अल्टाबा’ बुलाइए जनाब!

न्यूयार्क/नई दिल्ली, 11 जनवरी | प्रौद्योगिकी क्षेत्र की प्रतिष्ठित कंपनी याहू जिसका अमेरिकी वायरलेस कम्यूनिकेशन सेवा प्रदाता वेरीजॉन ने पिछले साल जुलाई में महज 4.8 अरब डॉलर में अधिग्रहण किया था, अब जल्द ही अल्टाबा के नाम से जानी जाएगी। इसके साथ ही याहू के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मैरिसा मेयर के भी कंपनी के बोर्ड से इस्तीफा देने की खबर है। वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में बताया गया, “वेरिजन के पास बिकने के बाद से याहू के छह निदेशक कंपनी छोड़कर जा चुके हैं, जिसमें मेयर भी शामिल है।”

वेरिजॉन ने याहू का अधिग्रहण डिजिटल विज्ञापन के क्षेत्र में अपने परिचालन को मजबूत करने के लिए किया है।

विशेषज्ञों के मुताबिक वेरिजॉन के लिए व्यावहार्य विकल्प याहू की संपत्तियों को एओएल से नहीं जोड़ना ठीक रहे, जिसका उसने 4.4 अरब डॉलर में अधिग्रहण किया है। एओएल के पास द हफिंगटन पोस्ट और प्रौद्योगिकी वेबसाइट टेकक्रंच और एनगैजेट है और याहू के पास याहू फाइनेंस है। इस तरह से वेरिजॉन के पास अब मजबूत डिजिटल एडवरटाइजिंग मंच हो गया है।

वैश्विक मार्केट कंसलटेंसी फर्म गार्टनर के शोध निदेशक विशाल त्रिपाठी ने आईएएनएस को बताया, “वैरिजॉन निश्चित रूप से याहू और एओएल दोनों कंपनियों के परिचालन को अपने हिसाब से बदलेगी ताकि इस सौदे का वह लाभ उठा सके।”

फोटो शेयरिंग वेबसाइट फ्लिकर और धीरे-धीरे लोकप्रियता हासिल कर रही माइक्रोब्लॉगिंग वेबसाइट टंबलर याहू की दो संपत्तियां है जिसमें विकास की काफी गुंजाइश है।

त्रिपाठी ने कहा, “वेरिजॉन के पास अब टंबलर, फ्लिकर, याहू स्पोर्ट्स और याहू न्यूज है। इस तरह से वेरिजॉन के लिए यह सौदा काफी लाभकारी प्रतीत हो रहा है।”

–आईएएनएस