Category Archives: रिपोर्ट

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रिजर्व बैंक और गवर्नर की भूमिका

===प्रभुनाथ शुक्ल=== भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रघुराम राजन का काल एक अच्छे उपलब्धियों के लिए जाना जाएगा। उन्होंने देश की अर्थव्यवस्था को बुलंदियों पर पहुंचाया लेकिन लोकतांत्रिक व्यस्था में उन्हें बलि का बकरा बनाया गया। राजनीतिक कारणों और सरकार से अनबन के कारण उन्हें अपना पद त्यागना पड़ा। हालांकि…

शहरी बच्चों पर पारिवारिक उदासीनता का नकारात्मक असर

लखनऊ, 6 सितम्बर | इलाहाबाद में स्थित मनोविज्ञानशाला में हाल ही में एक सर्वे हुआ था। ग्रामीण व शहरी इलाकों में छात्र-छात्राओं के बीच कराये गये सर्वें में यह बात सामने आयी है कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक युग में शहरी बच्चे अपने माता-पिता की उदासीनता के शिकार हो रहे हैं।…

दिल्ली वरिष्ठ नागरिकों के लिए असुरक्षित शहर

नई दिल्ली, 5 सितंबर| लगातार दूसरे वर्ष 2015 में दिल्ली को वरिष्ठ नागरिकों के लिए असुरक्षित शहर के रूप में वर्गीकृत किया गया है। यह जानकारी ‘भारत में अपराध’ के आंकड़ों के आधार पर राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) की रिपोर्ट में दी गई। प्रति एक लाख वरिष्ठ नागरिक पर…

भारत को क्यों है 35 टैंकर खून की जरूरत

भारत में लोगों के इलाज के लिए खून की इतनी कमी है कि उसे पूरा करने के लिए 35 टैंकर खून की जरुरत है। हालांकि देश के कुछ हिस्सों में खून बरबाद हो जाता है, क्योंकि वहां जरुरत से ज्यादा है। इंडिया स्पेंड ने सरकारी आंकड़ों का अध्ययन कर यह…

70 फीसदी लोग मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनाने के पक्ष में : सर्वे

नई दिल्ली, 2 सितम्बर | कुल 70 फीसदी भारतीय खासकर युवा वर्ष 2019 में नरेंद्र मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री चुनने के पक्ष में हैं, वहीं करीब 64 फीसदी महिलाएं इसकी पक्षधर हैं। शुक्रवार को जारी एक ऑनलाइन सर्वेक्षण में यह खुलासा हुआ है। यह सर्वेक्षण न्यूज एप इनशॉर्ट्स ने विपणन…

दीपा कर्माकर भारत की सबसे ज्यादा प्रेरणादायी महिला : सर्वे

नई दिल्ली, 2 सितम्बर | ब्राजीलियाई महानगर रियो डी जनेरियो में पिछले महीने हुए ओलम्पिक खेलों में अपने दमदार प्रदर्शन से वाहवाही लूटने वाली महिला जिम्नास्टिक खिलाड़ी दीपा कार्माकर भारत की सबसे ज्यादा प्ररेणादायक महिला हैं। शादी कराने वाली वेबसाइट शादी डॉट कॉम ने हाल ही में सफलता की परिभाषा…

ये आकाशवाणी ‘बलूचिस्तान’ है

बलूचिस्तान पर, लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री ने जो बोला, पाकिस्तान को जैसे सांप सूंघ गया और पल भर को लगा कि उसे लकवा मार गया। दुखती रग पर चोट कितनी गहरी होती है, सबको पता है। इधर गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू-कश्मीर में वहां की मुख्यंत्री से गुफ्तगू की…

24 वर्षो में 27 पत्रकारों ने भ्रष्टाचार का खुलासा करने पर गंवाई जान

नई दिल्ली, 2 सितम्बर | अमेरिका की प्रतिष्ठित पत्रकार संस्था ‘कमिटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट’ (सीपीजे) के अनुसार, 1992 से अब तक भारत में कम से कम 27 पत्रकारों की भ्रष्टाचार के मामलों का खुलासा करने पर बदले की भावना के तहत हत्या कर दी गई। सीपीजे की हाल ही में…

गंभीर स्वास्थ्य समस्या की ओर इशारा है कंधों पर जाते शव

नई दिल्ली, 2 सितंबर| ओडिशा में हाल में अपनी पत्नी का शव 12 किलोमीटर तक कंधे पर ढोने के लिए मजबूर दाना मांझी की तस्वीरें हों या कानपुर में पिता के कंधे पर दम तोड़ती बीमार बेटे की तस्वीरें लापरवाही के एक-दो मामले भर नहीं हैं, बल्कि देश की गंभीर…

40 साल पहले की तुलना में कम खाने लगा है ग्रामीण भारत

40 साल पहले की तुलना में कम खाने लगा है ग्रामीण भारत

नई दिल्ली, 1 सितंबर | भारत की आजादी के 70 वर्षो बाद जहां बड़े पैमाने पर प्रगति हुई है, वहीं ग्रामीण भारत में रहने वाली देश की 70 फीसदी आबादी (83.3 करोड़ लोग) 40 वर्ष पहले की अपेक्षा कम पोषक भोजन करने लगी है। राष्ट्रीय पोषण निगरानी ब्यूरो (एनएनएमबी) के…

मेक-इन-इंडिया : देश के प्रथम चार राज्यों में छत्तीसगढ़

रायपुर, 31 अगस्त । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘मेक-इन-इंडिया’ अभियान को छत्तीसगढ़ में शानदार सफलता मिली है। नई दिल्ली में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार देश का यह नया और छोटा राज्य कई पुराने तथा बड़े राज्यों को पीछे छोड़कर इस अभियान के तहत पूंजी निवेशकों को आकर्षित करने में…

बेतुके बांध-बैराज, तटबंध आपदा को खुला आमंत्रण

क्या हमने नदियों की स्वतंत्रता छीन ली है, या फिर उनकी अविरल धारा से छेड़खानी की? तटबंध, बांध-बैराज तबाही के कारण क्यों बने? क्या जलप्रबंधन और संचय की प्राकृतिक और पुरातन व्यवस्था कमतर थी जो यकायक आधुनिक तकनीक पर अंधविश्वास कर बैठे? या फिर नीति निमार्ताओं का ज्ञान अधकचरा है?…

लोगों से संवाद के लिए साइकिल बनी पुलिस अधीक्षक की सवारी

===संदीप पौराणिक=== भोपाल, 29 अगस्त| साइकिल बनी पुलिस अधीक्षक की सवारी। यह पढ़ने-सुनने में अचरज में डालने वाला हो सकता है, मगर मध्य प्रदेश में एक ऐसे पुलिस अधीक्षक हैं जो अपराध पर काबू पाने, जनता से सीधा संवाद स्थापित करने के साथ सेहत को दुरुस्त रखने के लिए साइकिल…

कुछ ख्वाब लिए निकल पड़ी नन्ही जलपरी

कानपुर, 29 अगस्त । ओलंपिक में लगातार निराशाजनक प्रदर्शन और हर बार अगले ओलंपिक के लिए बड़े-बड़े दावे कर बेहतर करने की बात करने के बावजूद ओलंपिक के इतिहास में कभी सुनहरा दौर नहीं दिखा। इसका कारण है देश में प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की उपेक्षा। ऐसी ही उपेक्षा की शिकार है…

कलाम की परिकल्पना है नालंदा विश्वविद्यालय

===मनोज पाठक=== पटना, 28 अगस्त | पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का संपूर्ण विश्व में शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में पहचान बनाने वाले नालंदा विश्वविद्यालय को पुनजीर्वित करने की परिकल्पना अब हकीकत बन गई। बिहार के नालंदा विश्वविद्यालय के प्रथम दीक्षांत समारोह में शनिवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने…

खेल संघ 27, सिर्फ 1 का नेतृत्व पूर्व खिलाड़ी के हाथ

बीते सप्ताह ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में संपन्न हुए 31वें ओलम्पिक खेलों की मैराथन दौड़ में हिस्सा लेने वाली भारतीय धाविका ओ. पी. जैयशा ने रियो से लौटने के बाद बताया कि वह मैराथन दौड़ पूरी करने के बाद बेहोश हो कर गिर पड़ी और उनकी मौत भी हो…

भारत में साइबर अपराध में 350 फीसदी की बढ़ोतरी

नई दिल्ली, 25 अगस्त| चाहे आप इसका दोष पुराने सिस्टम और उसके कमजोर प्रोटोकॉल को दें जो स्वाभाविक रूप से कमजोर है। लेकिन भारत में साल 2011-14 के दौरान साइबर अपराध में 350 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। एसोचैम और पीडब्ल्यूसी के संयुक्त अध्ययन में गुरुवार को यह जानकारी सामने…

‘विधायिका’ खुद को बदले!

ऋतुपर्ण दवे=== देश की व्यवस्था में सुधार को लेकर वैसे तो हमारे नेता ही चिंतित होने का पाखंड करते हैं, लेकिन जब न्यायाधीश चिंतित हों, उनकी आवाज आवाम तक पहुंचे, तो मतलब सिर्फ और सिर्फ यही कि हमारे लोकतंत्र में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं है। गौरतलब है कि पटना हाईकोर्ट…

अंधेरे के बीच रोशनी की लकीर रहा रियो ओलम्पिक

हरदेव सनोत्रा===ब्राजील की मेजबानी में आयोजित 31वें ओलम्पिक खेलों का समापन हो चुका है और 130 करोड़ की आबादी वाले भारत को खेलों के इस महाकुंभ में सिर्फ एक कांस्य और एक रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा। चार साल पहले लंदन ओलम्पिक-2012 में हासिल किए छह पदकों की…

कुछ देशों ने रियो में पहली बार चखा सोने का स्वाद

रियो डी जनेरियो, 23 अगस्त | ब्राजील की मेजबानी में खेले गए 31वें ओलम्पिक खेलों का रविवार को समापन हो गया। इन खेलों में कई देश उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन न कर पाने से निराश लौटे तो कई पहले से बेहतर प्रदर्शन के साथ मुस्कुराते हुए स्वदेश रवाना हुए। पदकों…