Daily oil consumption is approximately 5.5 million barrels, and supplies are normal.

तेल की दैनिक खपत लगभग 55 लाख बैरल, आपूर्ति सामान्य

नई दिल्ली। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार भारत की कच्चे तेल की आपूर्ति फिलहाल सुरक्षित है। देश की दैनिक खपत लगभग 55 लाख बैरल है और विविध स्रोतों से आयात के कारण आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।

दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत हाल में ₹60 बढ़ने के बाद ₹913 है, जबकि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए कीमत ₹613 प्रति सिलेंडर बनी हुई है।

पश्चिम एशिया में हाल के घटनाक्रमों को देखते हुए केंद्र सरकार ने बुधवार को राष्ट्रीय मीडिया केंद्र में एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग आयोजित की।

इसमें पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, बंदरगाह-जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय तथा सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने मीडिया को क्षेत्र की स्थिति और भारत सरकार की तैयारियों की जानकारी दी।

ऊर्जा आपूर्ति सुरक्षित
भारत अब लगभग 40 देशों से कच्चा तेल आयात करता है, जिसके चलते करीब 70 प्रतिशत आयात होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बाहर के मार्गों से हो रहा है। पहले यह आंकड़ा लगभग 55 प्रतिशत था। दो अतिरिक्त कच्चे तेल की खेपें रास्ते में हैं, जिससे आपूर्ति और मजबूत होगी। देश के रिफाइनरी संयंत्र भी उच्च क्षमता पर काम कर रहे हैं।

प्राकृतिक गैस की आपूर्ति प्रबंधन
देश की कुल प्राकृतिक गैस खपत लगभग 189 मिलियन क्यूबिक मीटर प्रति माह है, जिसमें से करीब 97.5 मिलियन क्यूबिक मीटर घरेलू उत्पादन से प्राप्त होती है। अप्रत्याशित परिस्थितियों के कारण करीब 47.4 मिलियन क्यूबिक मीटर गैस आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसकी भरपाई वैकल्पिक स्रोतों से की जा रही है।

सरकार ने 9 मार्च 2026 को प्राकृतिक गैस नियंत्रण आदेश जारी कर गैस आपूर्ति का प्रबंधन शुरू किया है। घरेलू पीएनजी और वाहनों के लिए सीएनजी की आपूर्ति बिना कटौती जारी रहेगी, जबकि उद्योगों और अन्य उपभोक्ताओं के लिए आंशिक कटौती की व्यवस्था की गई है।

एलपीजी उत्पादन बढ़ाया गया
भारत अपनी एलपीजी जरूरत का लगभग 60 प्रतिशत आयात करता है, जिसमें से करीब 90 प्रतिशत आपूर्ति होर्मुज़ जलडमरूमध्य से होती है। स्थिति को देखते हुए सरकार ने रिफाइनरियों को एलपीजी उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है, जिससे घरेलू उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत वृद्धि हुई है।

सरकार ने तेल विपणन कंपनियों को एलपीजी पर होने वाले घाटे की भरपाई के लिए ₹30,000 करोड़ के मुआवजे को भी मंजूरी दी है। साथ ही उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे घबराकर सिलेंडर की बुकिंग न करें क्योंकि सामान्य डिलीवरी प्रक्रिया जारी है।

समुद्री सुरक्षा पर कड़ी निगरानी
बंदरगाह, जहाजरानी एवं जलमार्ग मंत्रालय के अनुसार फारस की खाड़ी क्षेत्र में इस समय भारतीय ध्वज वाले 28 जहाज़ संचालित हो रहे हैं, जिन पर कुल 778 भारतीय नाविक सवार हैं। इनकी सुरक्षा पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।

मंत्रालय और जहाजरानी महानिदेशालय में 24 घंटे का नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है, जो घटनाक्रमों पर नज़र रखने और सहायता का समन्वय करने का काम कर रहा है। भारतीय बंदरगाहों का संचालन सामान्य है और आयात-निर्यात व्यापार की निरंतरता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।

भारतीय नागरिकों की सुरक्षा प्राथमिकता
विदेश मंत्रालय ने बताया कि पश्चिम एशिया में रहने वाले लगभग एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा और कल्याण सरकार की प्राथमिकता है। प्रधानमंत्री ने संयुक्त अरब अमीरात, कतर, सऊदी अरब, ओमान, बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और इज़राइल सहित कई देशों के नेताओं से बातचीत की है, जबकि विदेश मंत्री अपने समकक्षों के साथ लगातार संपर्क में हैं।

ईरान में मौजूद लगभग 9,000 भारतीय नागरिकों के साथ दूतावास निरंतर संपर्क बनाए हुए है और छात्रों तथा तीर्थयात्रियों को तेहरान से सुरक्षित शहरों में स्थानांतरित किया गया है। कुछ भारतीयों को पड़ोसी देशों के रास्ते स्वदेश लौटने में भी सहायता दी जा रही है।

जमाखोरी पर कड़ी कार्रवाई
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने बताया कि केंद्रीय गृह सचिव ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के अधिकारियों के साथ बैठक कर आवश्यक वस्तुओं की जमाखोरी रोकने और आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

सरकार ने स्पष्ट किया कि पश्चिम एशिया की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री हितों की रक्षा तथा भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।