नई दिल्ली, 8 अगस्त (जनसमा)। असम में भारी बारिश और बाढ के कारण 84 लोगों की जाने जा चुकी हैं और 25.42 लाख लोग पीड़ित हैं।
सरकार द्वारा प्राप्त सूचना के अनुसार राज्य के 33 जिलों में से 29 जिले इस मानसून के दौरान भारी वर्षा,बाढ़,जमीन के कटाव से प्रभावित हैं। 6 अगस्त, 2017 तक 84 लोगों की जाने जा चुकी हैं और 25.42 लाख लोग पीड़ित हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन नीति के आधार पर आपदा प्रबंधन राज्यों की प्रमुख जिम्मेदारी होती है। बाढ़ संभावित क्षेत्रों के बाढ़ पीड़ित लोगों के पुनर्वास और लोगों के लिए राहत कार्य संबंधित राज्य सरकारें अपने संसाधनों/ योजना कोष के जरिये करती हैं। राज्य सरकार अपनी मौजूदा भू-नीति के तहत बाढ़ पीड़ित लोगों को राहत पहुंचा रही है और उनके पुनर्वास के लिए उपयुक्त जमीन का बंदोबस्त कर रही है।
बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों में बचाव, राहत और रोकथाम के लिए राज्य सरकार सभी प्रकार के आवश्यक कदम उठा रही है, जिनमें लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना, राहत शिविरों का संचालन, मवेशी शिविर और आवश्यक सामानों को उपलब्ध कराना शामिल है। बाढ़ पीड़ितों को पका हुआ भोजन, चावल, चूड़ा, गेहूं, नमक, बच्चों का भोजन, मिट्टी का तेल, मोमबत्ती, चारा, पोलिथीन शीट इत्यादि उपलब्ध कराया जा रहा है। बाढ़ या उसके बाद संभावित महामारी की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने 2015-16 में असम सरकार को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को मजबूत बनाने के लिए 61.4 लाख रुपये प्रदान किए हैं।
यह जानकारी आज लोक सभा में गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने श्री गौरव गोगोई द्वारा पूछे एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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