NCERT takes strict action against pirated textbooks

एनसीईआरटी की पायरेटेड पाठ्यपुस्तकों पर कड़ी कार्रवाई

नई दिल्ली, 02 जून – एनसीईआरटी ने कॉपीराइट अधिनियम, 1957 के अंतर्गत साहित्यिक चोरी को एक गंभीर अपराध मानते हुए ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। पिछले 14 महीनों में की गई कार्रवाई में एनसीईआरटी ने पुलिस के सहयोग से:

  • 5 लाख से अधिक पायरेटेड किताबें जब्त कीं

  • 20 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य के कागज़ और मशीनरी ज़ब्त की

  • 29 एफआईआर दर्ज कीं, जिनमें प्रिंटर, गोदाम मालिक और खुदरा विक्रेता शामिल हैं


मुजफ्फरनगर में बड़ी कार्रवाई:

उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ संयुक्त छापे में:

  • 1.5 लाख से अधिक पायरेटेड एनसीईआरटी किताबें बरामद

  • 2 करोड़ रुपये से अधिक का माल जब्त

  • एक ट्रक, दो कार और प्रिंटिंग प्लेटें भी ज़ब्त

  • 8 आरोपियों की गिरफ्तारी


हरियाणा के समालखा में छापा:

  • पायरेटेड किताबें छापने वाली प्रेस पर कार्रवाई

  • बड़ी मात्रा में प्रिंटिंग प्लेटें और मशीनें ज़ब्त

  • रैकेट के सरगना की तलाश जारी


पायरेटेड किताबों से खतरे:

  • सरकार और एनसीईआरटी को राजस्व का नुकसान

  • घटिया कागज और स्याही से छात्रों के स्वास्थ्य पर खतरा


एनसीईआरटी द्वारा उठाए गए प्रमुख कदम:

  1. कागज और प्रिंटिंग की गुणवत्ता में सुधार

  2. समय पर किताबों की छपाई और उपलब्धता सुनिश्चित करना

  3. पायरेटेड किताबों के प्रिंटर, वितरक और विक्रेताओं पर सख्त कार्रवाई

  4. काशीपुर की अवैध पेपर मिल पर कार्रवाई

  5. ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर एमआरपी में किताबों की उपलब्धता (बिना डिलीवरी शुल्क)

  6. आईआईटी कानपुर द्वारा विकसित एंटी-पायरेसी तकनीक

    • इसका प्रयोग 10 लाख किताबों पर किया गया है

    • अगले शैक्षणिक सत्र से सभी किताबों में इसका उपयोग होगा


जनता से अपील:

एनसीईआरटी ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से अनुरोध किया है कि यदि वे पायरेटेड किताबों की बिक्री का कोई मामला देखें, तो कृपया उसे तुरंत ईमेल द्वारा रिपोर्ट करें:  pd.ncert@nic.in