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नकली नोटों से बचाएगी ‘लेन्टीकूलर’ तकनीक

नई दिल्ली, 9 फरवरी | होलोग्राम बनाने की भारत की अग्रणी होलोस्टिक इंडिया लिमिटेड ने ‘लेन्टीकूलर’ नामक एक तकनीक पहली बार लांच की है, जिसके जरिए नकली नोटों से लड़ने में मदद मिलेगी। यह तकनीक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन व प्रदर्शनी ‘ऑथेंटिकेशन फोरम 2017’ में लांच की गई। होलोस्टिक इंडिया के दिवाकर महेन्द्रू ने कहा, “सुरक्षा के मामले में ‘लेन्टीकूलर’ तकनीक को मात दे पाना खासा मुश्किल है। असल में इसी तकनीक का इस्तेमाल अमेरिका 100 डॉलर के नोट को छापने में करता है। हमें इस तकनीक को भारतीय बाजार में लेकर आने में बेहद खुशी होगी।”

नकली उत्पादों की गंभीर समस्या के समाधान के लिए एक सकारात्मक कदम के रूप में एस्पा व मैसे फ्रैंकफर्ट इंडिया ने ऑथेंटिकेशन सोल्यूशन पर अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन व प्रदर्शनी ‘ऑथेंटिकेशन फोरम 2017’ का आयोजन किया है। इस फोरम का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाने और देश में नकली उत्पादों की समस्या का विश्लेषण करने के लिए उद्योग हितधारकों और निर्णय निकायों को एक साथ एक मंच पर लाना है।

सामाजिक न्याय एवं आधिकारिता मंत्रालय के सचिव बी. के. प्रसाद ने बुधवार से शुरू हुए इस अंतर्राष्ट्रीय आयोजन में कहा, “नकली उत्पादों से न सिर्फ उद्योग, सरकार को नुकसान होता है, बल्कि बड़ी संख्या में आम आदमी को इससे जूझना पड़ता है। यह प्रसन्नता की बात है कि नकली उत्पादों के बाजार से लड़ाई के मुद्दे पर उद्योग एकजुट है।”

प्रसाद ने कहा कि ऑथेंटिकेशन फोरम 2017 एक सराहनीय कदम है। फोरम के पहले दिन होलोग्राम बनाने की भारत की अग्रणी होलोस्टिक इंडिया लिमिटेड ने ‘लेन्टीकूलर’ नामक एक तकनीक भारत में पहली बार लांच किया है, जिसके जरिए नकली नोटों से लड़ने में मदद मिलेगी।

ऑथेंटिकेशन सोल्यूशन प्रोवाइडर एसोसिएशन के अध्यक्ष यू.के. गुप्ता ने कहा, “हमारी इंडस्ट्री इन समस्याओं को जड़ से उखाड़ने मंे सरकार की मदद कर सकती है। जालसाजी घटने से कारोबार बढ़ेगा, जिससे सरकार को भी अधिक राजस्व मिलेगा।”– आईएएनएस

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