Lyngdoh

लिंगदोह मामले में एनसीएसटी ने गोल्फ क्लब को नोटिस भेजा

नई दिल्ली, 07 जुलाई (जनसमा)। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) ने शुक्रवार को पूर्वोत्तर की महिला टालिन लिंगदोह से साथ भेदभाव की शिकायत पर गोल्फ क्लब को नोटिस जारी किया है। महिला पूर्वोत्तर की अनुसूचित जनजाति से है। एनसीएसटी ने क्लब से सात दिनों के भीतर इस नोटिस का उत्तर देने, मामले से जुड़े तथ्यों और जानकारी देने के लिए कहा है। साथ ही यह भी कहा है कि गोल्फ क्लब बताए कि इस मामले में उसने क्या कार्रवाई की।

याद रहे कि 25 जून 2017 को मेघालय में खासी महिलाओं द्वारा पहना जाने वाली परंपरागत पोशाक, ‘जैनदेम’ पहनने के कारण टालिन लिंगदोह से दिल्ली गोल्फ क्लब से बाहर चले जाने के लिए कहा गया था। लिंगदोह अपने नियोक्ता निवेदिता बारथकुर के साथ क्लब में आईं थीं, जहां उन्हें आमंत्रित किया गया था। बताया जाता है कि दोपहर के भोजन के कुछ समय पहले क्लब के दो अधिकारियों ने उन्हें टेबल और क्लब छोड़कर जाने के लिए कहा क्योंकि उन्होंने पोशाक जेन्देम पहन रखी थी।

आयोग ने मेघालय राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष और असम सिविल सोसायटी के ज्ञापन पर नोटिस जारी किया। आयोग ने यह भी निर्णय किया है कि वह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 338ए द्वारा उसे प्रदान की गई शक्तियों के अनुसरण में मामले की जांच/पूछताछ करेगा।

Tailin Lyngdoh, a governess who was shunted out of the Delhi Golf Club for wearing a Jainsem, a dress worn by the indigenous Khasi women in Meghalaya on 25th June 2017. Lyngdoh had gone to the Club along with her employer Nivedita Barthakur after they were invited for lunch by a member of the Club. However, 15-20 minutes into the lunch, two Club officials asked her to leave the table and the Club saying the dress (Jainsem) she was wearing was a “maid’s uniform” and also allegedly hurled racial abuse at her. (File Photo: IANS)

नोटिस में कहा गया है कि अगर आयोग को निर्धारित समयसीमा में क्लब का जवाब नहीं मिलता है तो वह संविधान के अनुच्छेद 338ए की धारा के तहत सिविल कोर्ट की शक्तियों का इस्तेमाल कर सकता है और क्लब के अधिकारियों को व्यक्तिगत तौर पर आयोग के समक्ष पेश होने का समन जारी कर सकता है।