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शाह ने दिल्ली में हिंसा की कड़ी निंदा की, नेताओं से संयम बरतने की अपील

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने दिल्ली में हो रही हिंसा (violence) की कड़ी निंदा  (condemns) करते हुए सभी राजनीतिक नेताओं (leaders) से संयम बरतने की अपील की है।

शाह ने आज 25 फरवरी,2020 को दिल्ली की स्थिति पर मुख्य राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की।

इस बैठक में दिल्ली के राज्यपाल अनिल बैजल (Anil Baijal) और मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) उपस्थित रहे।

गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि इस स्थिति से दलगत राजनीति से ऊपर उठकर ही निपटा जा सकता है।

ज़मीन पर पुलिस की कमी को गलत बताते हुए उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस ने पेशेवर मूल्यांकन के आधार पर पर्याप्त दल और बल प्रभावित इलाकों में तैनात किए हैं एवं अधिकतम संयम बरतते हुए स्थिति पर नियंत्रण प्राप्त किया है।

गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि भविष्य में आवश्यकता अनुसार केंद्र सरकार द्वारा अतिरिक्त पुलिस बल दिए जा सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि उच्चतम न्यायालय में लंबित नागरिकता कानून (CAA) के मुद्दे पर सुनवाई के मद्दे नज़र दिल्ली की उत्तर प्रदेश और हरियाणा सीमाओं पर विशेष निगरानी बरती जा रही है और दिल्ली पुलिस सतर्क है।

अमित  शाह (Amit Shah) ने कहा कि   कि कोई भी असामाजिक तत्व दिल्ली में प्रवेश ना पा सके ।

गृह मंत्री ने सभी पार्टियों से अपील की कि उच्चतम न्यायालय में इस मामले की सुनवाई को ध्यान में रखते हुए भड़काऊ वक्तव्य देने से बचें।

गृह मंत्री ने सभी पार्टियों से अपील की कि अपने सांसद, विधायक, काउंसलर एवं पार्टी कैडरों को जनता के बीच भेजें और  प्रभावित इलाकों में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर आम जनता के बीच भय और अफवाहों के माहौल को दूर करें।

अमित  शाह (Amit Shah) ने दिल्ली पुलिस आयुक्त (Police Commissioner) को निर्देश दिए कि स्थानीय शांति समितियों के साथ मिलकर जनता से एक संवाद प्रक्रिया शुरू करें और उन में विश्वास का माहौल कायम करें।

पुलिस हेड कांस्टेबल रतनलाल (Ratan Lal) की मृत्यु पर शोक जताते हुए  शाह ने कहा कि दिल्ली पुलिस एक पेशेवर पुलिस बल है और समाज में सुरक्षा और शांति का माहौल बनाये रखने में सदैव ततपर है।

उन्होंने अपील की कि पुलिस का मनोबल बनाए रखने के लिए यह ज़रूरी है कि ऐसी स्थिति में पुलिस का सहयोग करें और हिंसा की कोई भी घटना होने से रोके।