Mrs. Marilla Cruz Alvarez

योग कोई धर्म नहीं है वरन् एक विज्ञान और कला है

नई दिल्ली, 22 जून (हुमा सिद्दिकी )। कोस्टा रिका रिपब्लिक की राजदूत सुश्री मेरियला क्रुज अल्वारेज का कहना है कि योग कोई धर्म नहीं है वरन् एक विज्ञान और कला है और इससे पूरी मानवता लाभान्वित हो सकती है।

आश्‍चर्य कि बात है कि लैटिन अमेरिका उन योग उत्‍साहियों के लिए एक पंसदीदा गंतव्‍य है जो अपने योग अनुभवों को और बेहतर बनाने की तलाश में है। इस क्षेत्र में विकल्‍पों की कोई कमी नहीं है। कोस्टा रिका, निकारागुआ, पेरू, ब्राजील, होंडुरास, ग्वाटेमाला, मेक्सिको, इक्वाडोर, चिली सहित सभी देश योग उत्साहियों की पंसदीदा स्थलों में से हैं।

एक छोटे देश कोस्टा रिका की पचास लाख जनसंख्‍या में दो सौ भारतीय हैं परंतु इन दो सौ लोगों ने बहुत उत्‍साह से कोस्टा रिका की अधिकांश जनसंख्‍या को सांस्‍कृतिक, प्रौद्योगिकीय तथा आर्थिक कारणों से भारत की ओर देखने के लिए प्रेरित किया है।

कोस्टा रिका को इसकी प्राकृतिक सुंदरता, शांति तथा आर्थिक स्‍थायित्‍व के लिए मध्य अमेरिका में एक रत्न के रूप में जाना जाता है। यहां स्‍वस्‍थ जीवन-शैली अपनाने वालों की संख्‍या बढ़ी है।

Ambassador of Costa Rica to India, Mrs. Marilla Cruz Alvarez performing yoga. (Photo courtesy of George Scott,Costa Rica)

लगभग एक दशक पूर्व जब भारतीय कंपनी हैवेल्स ने दुनिया भर में सिल्वानिया का कारोबार शुरू किया तो एक युवा परिवार कंपनी के क्षेत्रीय हितों के प्रबंधन के लिए कोस्टा रिका चला आया। उसने केवल कंपनी की ही व्‍यवस्‍था ही नहीं देखी बल्कि भारत के ज्ञान का भी विस्‍तार किया और यहां एक रेस्‍टोरेंट खोलकर भारतीय संस्‍कृति के आध्‍यात्मिक पहलू के प्रति लोगों में दिलचस्‍पी बढ़ाई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान के अनुरूप 21 जून, 2017 को अंतर्राष्‍ट्रीय योग दिवस मनाने के लिए ‘ताजमहल’ रेस्‍टोरेंट के मालिक कपिल गुलाटी ने भारतीय व्‍यंजनों की पाक-कला कक्षाओं के साथ-साथ नियमित योग सत्र तथा भारतीय शास्‍त्रीय नृत्‍य सत्र का आयोजन किया है। विचार तो ताजमहल में एक लघु भारत प्रस्तुत करने का है ताकि घरों से इतनी दूर रह रहे लोग रहस्‍यपूर्ण भारत और इसकी संस्‍कृति का अनुभव कर सकें।

भारत के राष्ट्रीय पक्षी मोर को प्रतीक के रूप में उपयोग करते हुए रेस्टोरेंट ने तीन मोर रखे हैं जो स्थानीय लोगों द्वारा योग करने के दौरान नाचते रहते हैं। इससे वातावरण और भी रमणीक और जीवंत हो जाता है।

कोस्टा रिका में भारतीय संस्कृति के फलने-फूलने के उदाहरण हैं- रेस्टोरेंट में संगीत वाद्ययंत्र, योग की कक्षाएं, भारतीय शास्त्रीय नृत्य कक्षाएं, हिंदी भाषा कक्षाएं, भारतीय पाक कला (व्यंजन) कक्षाएं, भारतीय उत्सव आयोजन, बालीवुड आधारित कोस्टा रिका की फिल्‍में।

भारत में कोस्टा रिका की राजदूत इस बात का श्रेष्ठ उदाहरण हैं कि भारतीय संस्कृति किस प्रकार कोस्टा रिका के लोगों को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर रही है।