किसानों

प्रधानमंत्री ने कहा ‘किसानों को चिंता करने या भ्रमित होने की जरूरत नहीं’

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने कहा कि किसानों के आर्थिक उत्थान के लिए हमारी सरकार का मन हमेशा खुला है और वह हमारी शीर्ष प्राथमिकता है, इसलिए किसानों को चिंता करने या भ्रमित होने की जरूरत नहीं है।

कच्छ के धोरडो में  आज 15 दिसंबर, 2020 को तीन विकास परियोजनाओं का वर्चुअल तरीके से शिलान्यास करते हुए उन्होंने यह बात कही।

प्रधानमंत्री ने कच्छ जिले के खावड़ा गांव के निकट आकार लेने वाले 30,000 मेगवाट क्षमता के दुनिया के सबसे बड़े हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क, मांडवी में समुद्र के खारे पानी को शुद्ध पानी में परिवर्तित करने वाले 10 करोड़ लीटर क्षमता के डिसेलिनेशन प्लांट और अंजार में सरहद डेयरी के दूध प्रोसेसिंग और पैकेजिंग प्लांट का वर्चुअली शिलान्यास किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के छोटे और सीमांत किसानों के कल्याण के लिए हमारी सरकार ने कृषि कानूनों में संशोधन कर जो तीन नए कानून बनाए हैं वह किसानों के लिए नुकसानकारक नहीं बल्कि फायदेमंद हैं। उन्होंने कहा कि आज दिल्ली में कई विघटनकारी तत्व किसानों को बरगलाने का प्रयास कर रहे हैं। उसकी निंदा करते हुए श्री मोदी ने कहा कि, “आज देश पूछ रहा है कि अनाज और दाल उत्पन्न करने वाले छोटे किसानों को उनकी फसल बाजार में बेचने की आजादी क्यों नहीं मिलनी चाहिए?”

उन्होंने कहा कि किसानों के लिए कृषि क्षेत्र में जो संशोधन हमारी सरकार ने किए हैं, पहले विपक्ष के लोग भीउन्हीं सुधारों के पक्ष में थे। परन्तु जब उनकी सरकार थी तब उन्होंने कुछ नहीं किया और आज किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करने निकले हैं। मुझे विश्वास है कि मेरे देश के जागरूक किसान उनकी साजिशों के बहकावे में नहीं आएंगे।

प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने किसानों के मन में हाल ही में किए गए कृषि संबंधित सुधारों के संदर्भ में जो भी आशंका होगी, उन सभी का समाधान करने को मेरी सरकार का मन हमेशा खुला है क्योंकि किसानों का हित हमारे लिए सर्वोपरि है।

किसानों का खर्च कम हो, उनकी तकलीफें कम हों और किसान आर्थिक रूप से सक्षम बने उसके लिए हमारी ईमानदार सरकार के ईमानदार प्रयास जारी रहेंगे। इसलिए ही पूरे देश के किसानों के आशीर्वाद हमें मिले हैं और आज किसानों की ताकत से हम सभी समस्याओं का समाधान करेंगे इसलिए किसानों के नाम पर राजनीति करने वाले सुधर जाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि देशभर के किसान हमारे साथ हैं और रहेंगे।

मोदी ने कहा कि देश के सपूत सरदार वल्लभभाई पटेल की पुण्य तिथि पर आज कच्छ में नई ऊर्जा का संचार हो रहा है। दुनिया के सबसे बड़े हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क का शिलान्यास हुआ है। सिंगापुर और बहरीन जैसे देशों के क्षेत्रफल के लगभग बराबर यानी 70,000 हेक्टेयर क्षेत्र में यह पार्क आकार लेगा।

आज कच्छ में न्यू एज टेक्नोलॉजी और न्यू एज एनर्जी के 3 प्रकल्पों का शिलान्यास हुआ है जो कच्छ के विकास में नए आयास स्थापित करेंगे और उसका लाभ किसानों एवं पशुपालकों को भी मिलेगा।

उन्होंने कहा कि किसी समय ऐसा कहा जाता था कि कच्छ चुनौतियों का पर्याय है। बिजली, सड़क और पानी की समस्या रहती थी। आज उस दौर में बदलाव आया है। कच्छ सर्वांगीण रूप से विकसित हुआ है। ऐसा मानने वाले लोग भी थे जो कहते थे कि कच्छ का विकास हो ही नहीं सकता।

भूकंप ने कच्छ को तहस-नहस कर दिया था। आज कच्छ के लोगों के जज्बे और परिश्रम के चलते कच्छ विकास का पर्याय बन गया है। विनाशक भूकंप भी लोगों के मनोबल को तोड़ नहीं पाया और आज कच्छ पूरी दुनिया के नक्शे में अपनी एक अलग पहचान बना चुका है।

उन्होंने कहा कि कच्छ का सफेद रण और रणोत्सव समूचे विश्व को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। प्रतिवर्ष 4 से 5 लाख सैलानी यहां घूमने आते हैं। उसके चलते स्थानीय कला-कौशल को भी बल मिला है। स्थानीय संसाधनों और सामर्थ्य के बलबूते किस तरह आत्मनिर्भर बना जा सकता है, यह कच्छ ने लोगों को सिखाया है।

भूकंप के भयानक विनाश के बाद कच्छ का फिर से पटरी पर लौटना और विकसित बनना देश और दुनिया के अध्ययनकारों और विश्लेषकों के लिए संशोधन का विषय है।

प्रधानमंत्री ने आज की तारीख के संयोग का जिक्र करते हुए कहा कि आज से 118 वर्ष पहले 15 दिसंबर को ही अहमदाबाद में एक औद्योगिक प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ था। उसका मुख्य आकर्षण भानु ताप यंत्र था और आज 118 वर्ष बाद कच्छ में हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी का शिलान्यास हो रहा है।

इस पार्क में 30,000 मेगावाट सौर ऊर्जा का उत्पादन होगा। 1.50 लाख करोड़ रुपए की लागत से तैयार होने वाला यह पार्क विकास की नई दिशाएं खोलेगा। यही नहीं, राष्ट्र की सुरक्षा के साथ पर्यावरण की सुरक्षा भी करेगा। प्रतिवर्ष 5 करोड़ टन कार्बन डाय ऑक्साइड उत्पन्न होने से रोकेगा। इतना ही नहीं इससे 1 लाख से अधिक लोगों को रोजगार भी मिलेगा। पर्यावरण के नजरिये से देखें तो इस प्लांट से होने वाला लाभ 9 करोड़ वृक्ष लगाने से मिलने वाले फायदे के बराबर होगा।

उन्होंने कहा कि भारत रिन्यूएबल एनर्जी उत्पादन के क्षेत्र में विश्व में चौथे स्थान पर है। क्लाइमेट चेन्ज के खिलाफ जंग में भारत पूरे विश्व का नेतृत्व कर रहा है।

उन्होंने कहा कि गुजरात 24 घंटे बिजली आपूर्ति करने वाला देश का अग्रिम राज्य है। राज्य ने सूर्य किसान योजना लागू की है और देश का ऐसा पहला राज्य है जिसने सौर ऊर्जा नीति बनाई है।

मोदी ने कहा कि 21वीं सदी के भारत के लिए ऊर्जा सुरक्षा की तरह जल सुरक्षा भी उतनी ही अहम है। जल प्रबंधन के क्षेत्र में गुजरात ने पूरे देश को दिशा दिखाई है। उन्होंने कहा कि गुजरात ने जल संचयन के क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य किया है। नर्मदा का पानी सुदूर कच्छ तक पहुंचाना अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। नहरों के विस्तारीकरण के साथ नर्मदा के पानी को 3 करोड़ घरों तक पहुंचाया है।

राज्य में 80 फीसदी घरों को ‘नल से जल’ योजना में शामिल कर पानी पहुंचाया जा रहा है और आगामी समय में इस उपलब्धि को सौ फीसदी तक ले जाने की दिशा में गुजरात का अभियान अनुकरणीय है।

उन्होंने कहा कि आज शिलान्यास किए गए डिसेलिनेशन प्लांट से 10 करोड़ लीटर समुद्र का खारा पानी शुद्ध और पीने लायक बनेगा। इसके अलावा, घोघा, दहेज, द्वारका और गिर सोमनाथ में भी ऐसे प्लांट स्थापित होने जा रहे हैं।

राज्य में कृषि क्षेत्र की मजबूती का उल्लेख करते हुए  मोदी ने कहा कि यहां के कृषि उत्पादों का दुनिया भर में निर्यात होता है। खेती और डेयरी दोनों क्षेत्रों का तीव्र गति से विकास हुआ है। सरहद डेयरी के स्वचालित मिल्क प्रोसेसिंग प्लांट से आगामी समय में स्थानीय पशुपालकों के दूध की प्रोसेसिंग स्थानीय स्तर पर ही हो सकेगी जिसका सीधा लाभ स्थानीय पशुपालकों को मिलेगा।

विजय रूपाणी

मुख्यमंत्री  विजय रूपाणी ने श्यामजी कृष्ण वर्मा की इस पावन धरती पर साढ़े छह करोड़ गुजरातियों की ओर से प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का स्वागत करते हुए कहा कि उद्योग, व्यापार और पर्यटन के क्षेत्र में चमक रहे कच्छ ने पिछले डेढ़ दशक में विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है।

रूपाणी ने ग्रीन एनर्जी का उल्लेख करते हुए कहा कि श्री नरेन्द्र मोदी ने इस क्षेत्र में पूरी दुनिया का नेतृत्व किया है। गुजरात भी हरित ऊर्जा के क्षेत्र में देशभर में आगे है।

उन्होंने कहा कि रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में गुजरात ने 11 हजार मेगावाट की उत्पादन क्षमता हासिल की है और वर्ष 2022 तक 30 हजार मेगावाट ग्रीन एनर्जी उत्पादन का हमारा लक्ष्य है, जिसमें पवन और सौर ऊर्जा का समावेश होता है।

यही नहीं, राज्य में सोलर रूफटॉप योजना लागू कर 800 मेगावाट सौर ऊर्जा की उत्पादन क्षमता हासिल की है। देश में सर्वप्रथम सोलर पॉलिसी बनाने के साथ ही गुजरात ने ‘सूर्य गुजरात’ योजना भी शुरू की है।

पाटण जिले के चारणका में सोलर पार्क की क्षमता को बढ़ाने के साथ ही धोलेरा में भी 1000 मेगावाट क्षमता का सोलर पार्क और राधा नेसडा में 700 मेगावाट क्षमता का सोलर पार्क आकार लेगा। इस तरह गुजरात ने रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में भी अनोखा स्थान बनाया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विनाशक भूकंप का सामना करने के बाद कच्छ ने अपने आप को बेहतर तरीके से संभाला है। तत्कालीन मुख्यमंत्री और मौजूदा प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की दूरदर्शिता और संकल्पशक्ति के कारण आज ऐसा कोई उद्योग नहीं है जो कच्छ में स्थापित ना हो। तमाम क्षेत्रों के उद्योगों के साथ कच्छ का सर्वांगीण विकास हुआ है।

रूपाणी ने कहा कि मांडवी में बनने वाले डिसेलिनेशन प्लांट की क्षमता प्रतिदिन समुद्र के 10 करोड़ लीटर खारे पानी को शुद्ध पेयजल में परिवर्तित करने की है। मांडवी के अलावा दहेज में 10 करोड़ लीटर, द्वारका और घोघा में 7-7 करोड़ लीटर और गिर सोमनाथ में 3 करोड़ लीटर क्षमता वाले डिसेलिनेशन प्लांट आगामी समय में निर्मित होंगे। उसके चलते प्रतिदिन समुद्र के 37 करोड़ लीटर पानी को पीने लायक बनाया जा सकेगा। गुजरात ने पेयजल के क्षेत्र में अनोखा सामर्थ्य हासिल किया है।

उन्होंने कहा कि गुजरात की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि जहां राज्य के 30 फीसदी क्षेत्र में 70 फीसदी बारिश होती है और 70 फीसदी क्षेत्र में केवल 30 फीसदी बारिश होती है। इन हालातों के बावजूद गुजरात ने बेहतर जल प्रबंधन के चलते राज्य के 80 फीसदी क्षेत्र में नल के जरिए पानी पहुंचाया है।

पिछले 8 महीने में 9 लाख घरों में नल के जरिए पानी पहुंचा है और हम प्रत्येक घर तक नल के जरिए पानी पहुंचाने को लेकर कटिबद्ध हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के ‘न्यू इंडिया’ और ‘स्किल इंडिया’ के स्वप्न को साकार करने को गुजरात कार्यरत है।

इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री  नितिनभाई पटेल, पर्यटन मंत्री  जवाहरभाई चावड़ा, गृह राज्य मंत्री  प्रदीपसिंह जाडेजा, सामाजिक व शैक्षणिक पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्य मंत्री  वासणभाई आहिर, सांसद  सी.आर. पाटिल, विनोदभाई चावड़ा, विधायकगण, जिला कलक्टर प्रवीणा डीके, जिला पुलिस अधीक्षक  सौरभसिंह सहित कई पदाधिकारी, अधिकारी और नागरिक उपस्थित थे।